Why we not worship brahma ji in hindi | ब्रह्मा पूजा पृथ्वी पर क्यों नहीं होती ? जानिए पूरा रहष्य !

Why we not worship brahma ji in hindi ! ब्रह्मा जी का पृथ्वी पर विश्व प्रसिद्ध एक मात्र मदिर जो राजस्थान के अजमेर जिले के पुष्कर में स्थित है। वैसे तो इस मदिंर  की कई मान्यताए  है। उसमे वहु चर्चित मान्यता के अनुसार जो मनुष्य  इस ब्रह्म सरोवर में डुबकी लगाता  है उस मनुष्य को  सदा -सदा के लिए मोक्ष प्राप्त हो जाता है।  इसलिए यहां  हर साल  देश -विदेश से लाखों  की संख्या में श्रद्धालुओ का आना -जाना बना रहता है। (Brhma Puja Pruthvi Par Kyo Nahi Hoti)

 

Why we not worship brahma ji in hindi

 
ब्रह्मा जी की पृथ्वी पर पूजा न होने के कई मत है। उनमे से दो  मत वहु प्रचलित है जिनको में आपके साथ शेयर करने जा रहा हूँ । 

Brhma Ji Ki Puja Pruthvi Par Kyo Nahi Hoti- ब्रह्मा पूजा पृथ्वी पर क्यों नहीं होती ?

 
प्राचीन समय की बात है जब भगवान ब्रह्माजी  द्वारा पृथ्वी का निर्माण कर सम्पन्न हो चुका  था। और पृथ्वी पर यज्ञ करने की तैयारी  चल रही थी। तीनों  देवताओं  में  सबसे बड़े ब्रह्मा जी थे ,इसलिए यज्ञ को सम्पन्न करने के लिए ब्रह्मा जी को ही चुना गया। जब यज्ञ की तयारी पूर्ण  हो चुकी थी। तो सारे  देवता गण राजस्थान के अजमेर  जिले में पुष्कर धाम के पास इकट्ठा  होने लगे। ब्रह्मा जी भी पहुंच गए। और ब्राह्मण देवता यज्ञ का सारा सामान और सजा धजाकर यज्ञ की शुरुआत करने लगे। 
 
लेकिन सावित्री  जी के  आने का कोई समाचार नहीं मिला। थोड़ी  देर इंतजार भी किया ,लेकिन यज्ञ का शुभ मुहूर्त निकला जा रहा था तो  ब्रह्मण देवता ने  गायत्री से शादी करने व् यज्ञ की शुरुआत करने को कहा। तो ब्राह्मण के कहे नुसार  ब्रह्मा जी ने गायत्री से शादी कर यज्ञ  में बैठ गए। और यज्ञ सम्पन्न किया। Why we not worship brahma ji in hindi 
जब यज्ञ सम्पन्न  होने  ही वाला था  कि माता सावित्री  वहा आ गई। जब उन्होंने गायात्री जी को ब्रह्मा जी के बाई ओर  देखा तो वे आग बबूला और  हो गई। और ब्रह्मा जी  शाप दे डाला की पुष्कर को छोड़कर आपकी पुरे विश्व में कही भी पूजा नहीं होंगी। और जो भी आपकी पूजा करेगा उसका विनास हो  जायेगा। 
 

why there is no temple of brahma ji in hindi

why there is no temple of brahma ji in hindi !

और इसके साथ में माता सावित्री ने  ब्राह्माण देवता को भी नहीं बक्सा  और शाप दे  दिया ,कि ब्राह्मण को कितना दान क्यों न दिया जाये लेकिन उसका पेट नहीं भरेगा और  दान से संतुष्ट कभी नहीं होगा। इसलिए ब्रह्मण को हम कितना  ही दान क्यों नहीं दे, वह संतुष्ट नहीं होता है। इसलिए ब्रह्मा जी की पुष्कर में भी पूजा नहीं होती वहा केव्ल पुष्कर कुंड की पूजा होती है।

जो भी ब्रह्मा जी की मूर्ति की पूजा करता है। उसको दुष्परिणाम मिलता है। इसलिए केवल पुष्कर में ही ब्रह्मा जी का एक मात्र मंदिर है। और विश्व में ब्रह्मा जी का मंदिर कही नहीं मिलता और माता सावित्री ब्रह्मा जी के मदिंर के पीछे रत्नागिरी नाम के पहाड़ पर एक मंदिर में विराजमान है। (Why we not worship brahma ji in hindi)

आज भी माता सावित्री के शाप के कारण वहां कोई भी व्यक्ति ब्रह्मा जी के मंदिर में पूजा नहीं करता। बल्कि ब्रह्म सरोवर की पूजा की जाती है। और इस ब्रह्मा जी के  मंदिर के पीछे रत्नागिरी पहाङ पर विराज मान माता सावित्री के उपलक्ष्य में कार्तिक शुक्ल एकादशी से लेकर पूर्णमाशी तक यहाँ मेला का आयोजन किया जाता है।

और मान्यता  के अनुसार माता सावत्री के इस मंदिर में आज भी महिलाए श्रंगार का पूरा सामान जैसे चूड़ी ,सिंदूर और पैरों  में पहनने वाले बिछुआ अर्पण करती है।  महज सावित्री माता का मंदिर पृथ्वी तल से दो हजार तीन सौ  उनहत्तर फिट की ऊंचाई पर है। 

why we not worship brahma ji in hindi !

एसी मान्यता  है कि  ब्रह्मा जी के हाथ से इसी स्थान पर कमल पुष्प गिरे थे। जो आज के समय पुष्कर झील में रूपांतरित है। और इसी स्थान से जल उत्पन्न हुआ। जो आज के समय में ब्रह्म सरोवर के नाम से जाना जाता है। इसी ब्रह्म सरोवर की मान्यता है कि  जो व्यक्ति इस ब्रह्म सरोवर में अपने जीवन काल  में एक वार स्नान कर लेता है, उसको  सदा -सदा के लिए मोक्ष प्राप्त हो जाता हैं।

इसी कामना को लेकर यहाँ देश -विदेश से पर्यटक आते – जाते रहते है।  और यहां देश -विदेश से लोगों की कार्तिक शुक्ल एकदशी से ही भीङ  इकठ्ठा होने शुरू हो जाती है। (Why we not worship brahma ji in hindi)

 

जब तीनो  देवता ब्रह्मा ,बिष्णु  और  शिव  में यह जानने के लिए ऋषि – मुनिओं  की सभा हुई  कि  तीनो देवताओं  में कौन   सवसे बड़ा  है। तब कोईबह ऋषि या मुनि  उनके पास जाने को तैयार नहीं हुआ  तो अंत में भृगु ऋषि को यहां जाने के लिए चुना गया। इस काम के लिए भृगु ऋषि तैयार हो गए। और वे सबसे पहले अपने पिता ब्रह्मा जी के  पास गए , और  परीक्षा लेने के लिए उनके पास जाकर उनको उन्होंने प्रणाम नहीं किया। 

 

pushkar dham

Brahma ji’s worship is not true on earth – ब्रह्मा जी  की पूजा पृथ्वी पर न होने का पूरा सच ?

 

और उन्होंने अपने पिता से कहा की आप को ऋषि मुनिओ का आदर सत्कार करना नहीं आता,  तब ब्रह्मा जी ने कहा की आप अपने पिता से आदर की कामना रखते हो। तब भृगु ऋषि ने ब्रह्मा जी को शाप दे दिया। और कहा कि  आपका  पृथ्वी  पर  कोई मदिर नहीं होगा और न ही कोई व्यक्ति आपकी पूजा करेगा।

इस शाप के कारण भी ब्रह्मा जी की  पृथ्वी पर पूजा नहीं होती है। अतः आप लोगों के लिए पुष्कर धाम जाने  का  मैप नीचे दिया गया है इसकी सहायता से आप आसानी से पुष्कर धाम पहुंच सकते है। 

 

brahma-temple-pushkar-gandhamada

हेल्लो  दोस्तों यह ग्रंथो पर आधारित ब्रह्मा जी के  पुष्कर धाम की कथा आपको कैसे लगी ,कृपया कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बताए। और साथ में लाइक और शेयर जरूर करे। इस पुण्य कथा को शेयर करके आप पुण्य के भागीदार जरूर  बने। 

तो फिर मिलेंगे दोस्तों तब तक के लिए अलविदा। और इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए आपको बहुत-बहुत धन्यबाद। 
0Shares