Why put cotton in the deceased’s nose – मृतक की नाक कान में रुई क्यों डालते हैं ? जाने राज !!!

Why put cotton in the deceased’s nose दोस्तों हम सब लोग सोचते हैं इस बात को कि मृतक की नाक में व कान में रुई क्यों डालते हैं। दोस्तों वैज्ञानिकों की मानें तो वह कहती हैं कि मृतक के शरीर में कीटाणु न घुस पाए इसलिए नाक और कान को रुई से बंद कर देते हैं लेकिन दोस्तों यह बात बिल्कुल गलत है जब इंसान मर ही जाता है तो कीटाणु उसका क्या बिगाड़ सकते हैं।
Why put cotton in the deceased's nose

Why put cotton in the deceased’s nose

लेकिन सही मायने में देखा जाए तो  इसके दो कारण होते हैं पहला कारण यह होता है कि इंसान के मर जाने के बाद उसकी नाक से एक द्रव निकलता है उसे रोकने या सोखने के लिए रुई का प्रयोग किया जाता है। Why put cotton in the deceased’s nose

दोस्तों इसका दूसरा कारण गरुण पुराण से लिया गया है दोस्तों गरुण  पुराण के अनुसार शरीर के खुले हुए हिस्से में सोने का कन रखा जाता है जिससे हम सादर भाषा में तुस कहते हैं। दोस्तों यह शरीर के 9 अंगो में रखा जाता है।

जिसमें कान नाक मुंह सहित और अन्य अंग भी शामिल होते हैं और यह भी कहा जाता है कि सोना बहुत पवित्र होता है इसे मृत शरीर के अलग-अलग हिस्सों में रखने से मनुष्य की आत्मा को शांति मिलती है।

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Mrtak kee naak mein ruee kyon daalate hain

और उनके पापों का नाश हो जाता है दोस्तों आपको बता दें कि नाक और कान का छेद बड़ा होता है और नाक और कान में यह रखा हुआ सोना गिर ना जाए इसलिए नाक और कान में रुई लगा दी जाती है। mrtak kee naak mein ruee kyon daalate hain

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