Why does man die – मनुष्य की मृत्यु क्यों होती है ? जानिये कारण !!!

Why does man die – मनुष्य की मृत्यु क्यों होती है ?  दोस्तों आपके दिमाग में यह बात बार-बार आती होगी कि आखिर मृत्यु क्यों होती है और कभी जन्म और कभी मरण का चक्कर क्यों निरंतर चलता रहता है।

 

Why does man die

दोस्तों प्राचीन काल में एक गांव में एक विधवा औरत रहा करती थी उसका एकमात्र सहारा उसका 10 साल का बेटा था वह औरत दूसरों के घरों में काम करके अपने उस बेटे का पालन-पोषण करती थी और अपना समय व्यतीत करती थी।कुछ दिन बाद दुर्भाग्यबस एक दिन उसके बेटे को एक जहरीला सांप ने डस लिया जिससे उसके बेटे की मृत्यु हो जाती है जो सांप उस बालक को डस के गया था।

तो उसी समय उस सांप को एक बहेलिया ने देख लिया था तभी उसी वक्त वह बहेलिया उस सांप को पकड़ लेता है और उस सांप को लेकर उस औरत के पास आ जाता है और कहता है कि देवी इसने तुम्हारे बेटा को डस कर मार दिया है तब औरत अपने बेटे की लाश पर आ जाती है और सिर पटक पटक कर रोने लगती है। Why does man die

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Why does man die – मनुष्य की मृत्यु क्यों होती है

बहेलिया उस औरत से कहता है कि सांप ने ही तुम्हारे बेटे को डसा है और तुम इस सांप को अपने हाथों से ही मार डालो परंतु औरत कहती है कि इस सांप को मारने से मेरा पुत्र तो जीवित नहीं होगा इसलिए मारने से क्या फायदा इसे छोड़ दो वह पहेलियां उस औरत को बार बार समझाता है कि शत्रु को मार देने से तुम्हारा शो कम हो जाएगा इसलिए इस सांप को मार डालो परंतु वह व्औरत सांप को मारने से इनकार कर देती है। Why does man die

यह सब देखकर सांप बहेलिया से कहता है कि भाई इसमें मेरा क्या दोष है जो तुम मुझे बेवजह मरवाना चाहते हो मैंने अपनी इच्छा या क्रोध से इसको नहीं डसा है मुझको तो मृत्यु ने इसे डसने के लिए प्रेरित किया था । इसलिए मुझे मृत्यु के अधीन होकर इस बालक को डसना पड़ा। इसलिए दोष मेरा नहीं है उस मृत्यु का है जब सांप ने मृत्यु का ही सारा दोष बता दिया तो मृत्यु उन सबके सामने प्रकट हो गई और कहने लगी।  Why does man die

Manushy kee mrtyu kyon hotee hai

कि तुम मुझ पर इस बालक की मौत का सारा दोष क्यों लगा रहे हो मैंने भी तो काल की प्रेरणा से प्रेरित होकर तुम्हें प्रेरित किया इसमें मेरा कोई दोष नहीं है। यह सारा जगत काल के अधीन है इसलिए मैं भी उसी की अधीन हूं मैं कुछ भी अपनी इच्छा से नहीं करती हूं इसलिए बालक का दोषी न तो मैं हूं और ना तुम हो वो काल ही इसका दोषी है जब मृत्यु ने उस बालक की मौत का सारा दोष काल के ऊपर मढ़ दिया।

har kisee kee mrtyu kyon hotee hai

 

तो वहां काल भी सबके सामने प्रकट हो गया और काल उस औरत से बोला कि तुम्हारे पुत्र का दोषी न तो मैं हूं और ना ही यह मृत्यु है और ना ही सांप है इस बालक की मृत्यु का कारण इस बालक के कर्म है इस बालक ने अपने पूर्व जन्म में जो कर्म किए थे उन कर्मों के द्वारा ही इसका विनाश हुआ है क्योंकि मनुष्य हमेशा अपने किए हुए कर्मों के अनुसार ही उनका फल भोगता है।

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मनुष्य की मृत्यु क्यों होती है ?

इसलिए यह बालक अपनी मृत्यु का स्वयं दोषी है हम सभी ने इस बालक के कर्म के अधीन होकर अपना अपना कर्म किया है यह बात सुनकर पुत्र शोक में डूबी हुई वह औरत सब समझ गई कि मनुष्य को अपने कर्म के अनुसार ही फल मिलता है ऐसा सुनते ही उस औरत के मन से पुत्र मृत्यु का शोक समाप्त हो गया । Why does man die

दोस्तों सच्चाई यही है कि हमारे साथ जो भी भला या बुरा होता है हमारे अपने ही कर्मों के कारण होता है इसलिए हमें ऐसे कर्म करने चाहिए जिससे हमें उनका फल अच्छा ही प्राप्त हो।

दोस्तों हमारे द्वारा दी गई जानकारी में आपने जाना कि  Why does man die – मनुष्य की मृत्यु क्यों होती है ?  अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा तो हमारी जानकारी को जरूर शेयर करें।

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