Top 10 Hindi Stories With Moral – संसार की सर्वश्रेष्ठ 10 प्रेरक कहानियाँ !

1- चोर बना पुजारी  (Thief turned priest) –  Top 10 Hindi Stories With Moral 

Top 10 Hindi Stories With Moral ! करीब 200 साल पहले उज्जैन नगरी में एक बल्लू नाम का एक  चोर रहता था।  एक बार एक थाने के सिपाही ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।   लेकिन  वह दीवार फांद कर भाग निकला।  जान बचा कर भागते भागते वह श्मशान घाट जा पहुंचा।  वह श्मशान घाट में हरसिद्धि देवी का मंदिर था।

चोर वहां मंदिर में छुप गया।   लेकिन उसे बहुत भूख लग रही थी।  पूरे दिन से भूखा  बल्लू  भूख से छटपटा रहा था।  वह भोजन की तलाश में मंदिर में कुछ खाने के लिए तलाश  रहा था।  अचानक उसे देवी की मूर्ति के ऊपर कुछ रोटियां  रखी हुई दिखाई  दी।  लेकिन  बल्लू नास्तिक  और निडर था।   उसने देवी के ऊपर पैर रखकर  रोटियां से भरा हुआ  थाल उठाया।  और दिए के तेल में चूपड़ -चुपड़  कर  रोटियां खाने लगा।

 

Top 10 Hindi Stories With Moral

 

यह देखकर देवी को बहुत गुस्सा आया  देवी ने आश्चर्य से अपनी जीभ बाहर निकाल  ली।   इधर चोर ने  समझा कि  उसमें देवी भूखी है।  उसने 2,4 रोटी के टुकड़े देवी की जीभ  पर रख दिए।   देवी ने  और भी अपमान महसूस किया।  क्योंकि वह झूठा खाना खा नहीं सकती थी।  इसलिए  जीभ  बाहर  ही निकाले रही। Top 10 Hindi Stories With Moral

सुबह होने से पहले बल्लू चोर वहां से भाग निकला।  अगले दिन लोगों ने जो मंदिर में देखा  की देवी की जीभ बाहर निकली हुई है।   गांव के लोग डर गए और सोचने लगे कि   देवी हमसे नाराज है।  इसे  प्रसन्न करना  चाहिए।  वरना कोई विपत्ति जरूर आएगी।  देवी की पूजा की गई।  हवन किए गए।

Top 10 Hindi Stories With Moral !

लेकिन देवी की जीभ बाहर ही  रही।  यह खबर उज्जैन के राजा विक्रमादित्य तक पहुंची।   राजा  ने ढिंढोरा पिटवाया कि  जो व्यक्ति देवी की जीभ  को  अंदर करवा देगा उसे एक मन सो ना दिया जाएगा।  बल्लू नाम के चोर को यह अच्छा मौका था।  वह मंदिर आया और मंदिर में जाकर  किवाड़  बंद कर लिए।

बल्लू ने एक बड़ा सा पत्थर उठाया।  बोला ”  या तो अपनी जीभ मुंह में अंदर डाल ले ,  वरना इस पत्थर से तेरे टुकड़े टुकड़े कर दूंगा।  देवी  उस दुष्ट को अच्छी तरह जानती थी।  देवी ने सोचा मेरी भलाई इसी में है कि मैं जीभ   अंदर कर लूं।  वरना यह दुष्ट मुझे पत्थर मार देगा।  यह सोचते हुए देवी ने चुपचाप जीव अंदर कर ली।

बल्लू ने मंदिर के किवाड़ खोल दिए।  जब गांव के लोगों ने यह चमत्कार देखा तो उसकी जय-जयकार करने लगे।  और राजा ने उसे 1  मन सोना भी दिया।  और उस मंदिर का पुजारी भी बना दिया।   बल्लू  चोर पुजारी बनकर सुख से जीवन व्यतीत करने लगा।

 

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2- नई मां -एक माँ की कहानी – (New Mother – A Mother’s Story)

पहाड़ों में एक गांव था।  उस गांव में  चंदन नामक ब्राह्मण  अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ  रहता था।  उसके दोनों बेटों का नाम शाम और  नीर था।  चंबल नदी में स्नान करने जाता था और वही पद्मासन लगाकर  भगवान का ध्यान करता था।  उसका यह नित्य का नियम था।  एक बार की बात है।  वर्षा के कारण नदी में बाढ़ आ गई थी।  पर चंदन अपने नियम का पक्का था।

वह बाढ़ से उफनती  नदी के किनारे ही  भगवान के ध्यान के लिए बैठ गया।  ध्यान में उसे किसी बात की सुध नहीं रही।  वह बाढ़ में बह गया। उस नदी पर मीलों दूर आगे एक राजकुमारी पति की कामना से आकर प्रातः स्नान कर नदी की पूजा किया करती थी।  पूजा के समय वह  शाम के तोड़े हुए फूल नदी को भेंट करती थी।  उस  दिन भी राजकुमारी पूजा कर रही थी। Top 10 Hindi Stories With Moral

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तभी  चंदन का मृत शरीर  नदी में बहता हुआ राजकुमारी के सामने से निकला।  राजकुमारी ने चंदन के मृत शरीर को नदी से बाहर निकाला। और उसने  चंदन के  मृत शरीर को नदी का प्रसाद समझकर उसे किनारे से लगाया।

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नदी को बासी फूल चढ़ाने के फलस्वरूप ही उसे यह मिला है।  उसने शव  के साथ चिता में जल कर मर जाना उचित समझा।  और राजकुमारी ने एक लकड़ियां इकट्ठी करके चिता बना ली।  लेकिन उसके सामने एक समस्या थी  चिता में आग लगाने की।  वह प्रतीक्षा करते करते उसे एक सन्यासी उसकी तरफ आता हुआ दिखाई दिया। Top 10 Hindi Stories With Moral

राजकुमारी ने उससे आग देने की प्रार्थना की।  सन्यासी ने  कारण पूछा तो राजकुमारी ने सारी घटना बता दी।  सन्यासी को उस पर दया आ गई।  उसने अपने कमंडल से  चंदन के  शव पर पर जल छिड़का जल छिड़कने ही चंदन जीवित हो उठा।  पर वह अपनी पूर्व स्मृति खो चुका था।  इस प्रकार राजकुमारी चंदन को अपने राज महल में ले गई।

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राजकुमारी का कोई भाई नहीं था।  प्रजा के साथ-साथ   स्वयं राजा भी उत्तराधिकारी के ना होने से चिंतित रहते थे।  पर जिस दिन से राजकुमारी को चंदन मिला था।  उस दिन से राजा की परेशानियां दूर होने लगी थी।  उसने चंदन का विवाह राजकुमारी से करके राज्य का कार्यभार उसे सौंप दिया।

दूसरी तरफ भाग्य की विडंबना ऐसी हुई कि चंदन की पत्नी का देहांत हो गया।  उसके दोनों पुत्र शाम को नीर अनाथ हो गए।  वे   एक गीत गाते हुए पिता को ढूंढने निकले।  दोनों तरफ  से बालक 1 दिन भटकते -भटकते चंदन के राज्य में पहुंचे।  उनकी  करुँन  कहानी सुनकर कुछ लोगों ने अपने नए राजा चंदन के पास ले गए।

चंदन के सामने भी शाम और नीर ने वही गीत गाया।  चंदन तो जैसे नींद से जाग उठा।  वह अपने बेटों को पहचान गया।  उनके साथ उनकी मां अर्थात अपनी पत्नी को न देख वह परेशान हो उठा।  उसने अपने बेटों से उनकी मां के बारे में पूछा।  तो उसे पता चला कि वह इस संसार में नहीं रही।  और  स्वर्गवासी  हो चुकी है।

चंदन दरबार से उठकर।  रनिवास में गया।  साथ में दोनों बेटे भी थे।  वहां उसने रानी को सारी बातें बताएं।  अनाथ बच्चों की दशा देखकर उनकी आंखें भर आई।  उसने उन्हें गले से लगा लिया और कहा   बेटो  मैं  ही तुम्हारी मां हूं।

 

3 – सत्तू का चमत्कार – एक  प्रेरक  कहानी – (Sattu’s Miracle – A Motivational Story)

कहा जाता है कि पलामू के प्रथम चेरो शासक भगवंत राय काफी कुशाग्र बुद्धि तथा विनोदी स्वभाव के थे।  बात है संत 1618 के आसपास की मानसिंह ने अपनी सेना की एक टुकड़ी के साथ सर गुंजा से औरंगा तटवर्ती पलामू के इलाके पर धावा बोल दिया।  और उस को चारों तरफ से घेर लिया। Top 10 Hindi Stories With Moral

यह देखते ही देखते तहलका मच गया।  भगवंत राय तनिक भी विचलित नहीं हुए।   भगवंत राय औरंगा नदी के तट पर पहुंचे।  उन्हें ज्ञात हुआ के दुश्मन की सेना वहां से पश्चिम की ओर तट पर ही है।  पानी के बहाव की दिशा पूर्व से पश्चिम की ओर देखकर वह बहुत खुश हुए।  उन्होंने आदेश दिया और कुए की पत्तियों के दोने भारी संख्या में बनवाए जाएं और 5 से 7  मन की व्यवस्था की जाए।  राजा के आदेशानुसार  व्यवस्था होते देर लगी।  दूसरे दिन  भोर होते होते थोड़ी  मात्रा में  सत्तू के साथ नदी में  बहाए जाने लगे।

Top 10 Hindi Stories With Moral !

भारी संख्या में दोनों के  बहाए जाने से कुछ ही देर में नदी  बहते हुए दोनों से भर गई।  उधर  मानसिंह ने जब इतने सारे दोने  नदी में बहते हुए देखें।  तो वह कांप उठा।  जब जाने गए दोनों के गिनती की गई , तो संख्या  लगभग 25000 थी।  यह सोचते ही  मानसिंह के प्राण सूख गए।  और उसने सोचा कि भगवंत राय की सेना के 25000 सिपाही तैनात हैं।

जिन्होंने नाश्ता करने के बाद झूठे  दोने नदी में फेंक दिए हैं।  उसे लगा इतनी बड़ी सेना के सामने भला उसकी फौज की छोटी टुकड़ी की क्या बिसात।  कैसे हैं उसके बाद ही अविलंब ना करते हुए मानसिंह भीगी बिल्ली की तरह सेना समेत वहां से भाग खड़ा हुआ और रंग रूप स्वीकार करना पड़ा।  इसमें भगवंत राय की चतुराई काम कर गई।  तभी तो कहते हैं दिमाग के आगे ताकत भी फेल हो जाती है।

 

4- निर्दोष चील की कहानी  – (Story of innocent eagle)

सहयाद्रि पहाड़ की तराई में एक छोटी सी रियासत थी।  एक बार वहां के राजा एक दिन  महल से काफी  दूर बने एक सुंदर बगीचे में टहल रहे थे।  अचानक उनकी नजर एक दूर चट्टान पर कुछ बैठे हुए पक्षियों पर पड़ी।  और उन पक्षियों के बारे में जानने के लिए उनके मन में एक लालसा जगी।

वह जानना चाहते थे क्यों हुए पक्षी किस जाति के हैं।  बच्ची इतनी दूर थे कि ठीक से कह पाना कठिन था।  इस पर राजा ने अंदाज से बोला एक गिद्ध हैं।  लेकिन रानी ने कहा चील !  दोनों में विवाद बढ़ता गया।  राजा गुस्से से बोला। ” गिद्ध ना निकले तो मैं  12 घर से चिथड़े मांग कर अपने कपड़े सी लूंगा।

और राज छोड़ कर चला जाऊंगा।  ” यही रानी ने  उलट कर कह दिया।  और  चील  ना निकली तो मैं 12 घरों से चिथड़े मांग कर अपनी साड़ी सी लूंगी और राज्य से निकल जाऊंगी।  अगले दिन राजा ने चार नौकर भेजें और उनसे कहा कि उस  पहाड़ी पर जाओ।  और उन पक्षियों की जात पूछ कर आओ।  इन 4 नौकरों में दोनों का राजा के थे और दो रानी के।

Story of innocent eagle !

वह पहाड़ी पर पहुंचे और पक्षियों से पूछा भाइयों आप किस जात के परिंदे हैं।   परिंदों ने उत्तर दिया हम चील हैं।  जवाब पाकर नौकर  राज्य की तरफ लौट चलें।  रास्ते में रानी के नौकरों को तेज भूख लगी।  लेकिन उनका सारा खाना पहले ही खत्म हो चुका था।  भूख उन्हें बर्दाश्त नहीं थी।

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इसलिए उन लोगों ने राजा के नौकरों से कुछ खाने के लिए मांगा।  राजा के नौकरों ने कहा ” हमारे पास जो है सब दे देंगे लेकिन एक शर्त पर कि गिद्ध कहोगे ,चील नहीं !  पेट की मजबूरी रानी के नौकरों ने बात मान ली।  और  राजा के सामने दरबार में कह दिया कि परिंदे गिद्ध हैं।  शर्त के अनुसार रानी ने  12 घरों से  चिथड़े मंगवाए  और  चीथडो  की साड़ी बनाई।  और उसे पहन कर जंगल  के लिए निकल पड़ी।  रानी उस समय गर्भवती थी।  Top 10 Hindi Stories With Moral

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जंगल में जाकर  उसके   गर्भ से एक  पुत्र का जन्म हुआ।  छोटे बच्चे की देखभाल ने उसकी मुसीबतें और बढ़ा दी।  12 वर्ष बीत गए एक दिन एक प्यासा शिकारी पानी की तलाश करता हुआ  रानी की कुटी तक आया।  उसने रानी से पानी मांगा।  रानी ने कुटी की तरफ इशारा करते हुए कहा।  वहां मेरा बेटा है उससे मांग लो।  शिकारी कुटिया में गया और लड़के से पानी मांगा।  लड़का बोला पानी एक शर्त पर   पिलाऊंगा।

कि आप हमें अपने साथ यहां से ले चलोगे।  शिकारी पहाड़ी की दूसरी ओर ही सियासत का राजा था।  उसने पानी पिया और दोनों को साथ लेकर अपनी रियासत पहुंचा।  लेकर रानी ज्यादा दिन जीवित नहीं रह सकी और वह तड़प-तड़प कर मरने लगी।  तभी उसने  चीलों  को  शाप दिया तुमने मुझे घर छोड़कर दर-दर भटकने को मजबूर किया है।  इसलिए तुम भी भटकती रहोगी।   मान्यता है कि  तभी से  यह बेचारी चीले !  रानी का शाप भुगत रही हैं।  और झूठ बोलने वाले नौकरों को कोई सजा तक नहीं।

 

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5- ईरानी लोक कथा – एक  अनोखा न्याय  (Short funny stories morals hindi)

यह कहानी इराकी लोककथा से संबंधित है।  बगदाद के खलीफा के महल में  अली हसन नाम का एक नौकर था।  वह  खाते पीते घर से होने पर भी वह गरीब की तरह रहता था।  वह और उसकी पत्नी फातिमा अशरफी इकट्ठे करने में जुटे रहते थे।  और उन्हें  दिन –  रात गिनते रहते थे।  धीरे-धीरे    हसन और भी लालची हो गया।

मैं और खाने पीने की चीजें भी मुफ्त चाहने लगा।  एक दिन उसने अपनी बीवी फातमा से कहा। ” तुम बाजार वालों को यह  बताओ  की मुझे जेल खाने में बंद कर दिया गया है।  और इस बहाने खाने पीने का सामान  मुफ्त  हथिया लो।   अली हसन के अनुसार  फातिमा ने ऐसा ही किया।  थोड़े दिन बाद बाजार वालों ने सामान देना बंद कर दिया।

EK Anokha Nyay – Top 10 Hindi Stories With Moral

तब अली हसन बोला।  अब रिश्तेदारों के पास जाकर खाने पीने का सामान बताओ। इसी प्रकार कुछ दिन बाद रिश्तेदारों ने भी अपना हाथ पीछे खींच लिया।  हसन को बहुत क्रोध आया।   उस दिन वह खलीफा के  घर से  एक याकूत  चुरा कर ले आया।  अब उसे चोरी की भी लत लग गई।  मैं रोज एक जवाहर चुरा के लाता और अपने घर में इकट्ठा करने लगा।  जब उसके पास बहुत से  जवाहरात  इकट्ठे हो गए।  तब वह   अपनी बीवी से बोला।  Top 10 Hindi Stories With Moral

इन जवाहर रातों को देखकर हमें अशरफिया  इकट्ठे कर लेनी चाहिए।  और फिर बगदाद छोड़कर किसी और शहर में बस जाना चाहिए।  उसकी बीवी ने कहा लाओ कुछ जवाहरात मैं आज बाजार में बेच दूं।  जब वह बाजार पहुंची  तो जौहरी  ने खलीफा के जवारात  पहचान लिए।  और उन्हें खलीफा के यहां पहुंचा दिया।

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अली हसन और उसकी बीवी को गिरफ्तार करके खलीफा के सामने लाया गया।  सारी कहानी सुनकर खलीफा बोला।, ” दुकानदारों से झूठ बोलकर सामान लेने पर तुम्हें भारी जुर्माना देना होगा।  रिश्तेदारों को ठगने पर तुम्हें कोड़े लगाए जाएंगे।  और  महल में चोरी करने पर सजा ए मौत दी जाएगी।

यह सुनकर वह दोनों रोने और  गिड़गिड़ा ने लगे।  तब दयालु खलीफा ने कहा।  अच्छा महल के जवाहरात तो वापस लिए जाएंगे।  पर तुम अपनी अशर्फियों  की  थैलियां गले में लटका कर वापस जा सकते हो।  उसी दिन खलीफा ने पूरे बगदाद में मनाई करवा दी।  कि जो कोई भी हासन की अशर्फी के एवज में कुछ भी सामान उसे देखेगा।

उसे फांसी दे दी जाएगी।  अली हसन और उसकी बीवी अजीब मुसीबत में फंस गए।  उन्होंने खलीफा से माफी मांगी तो खलीफा ने हुकुम दिया।  इसकी एक थैली उस दुकानदार को दे दो।  जिसने तुम को उधार दिया।  दूसरी थैली रिश्तेदारों को दे दो जिन्होंने तुमको  धन दिया।  और अब इसे फिर से  महल  में नौकरी दे दो।   फिर  खलीफा अली हसन से बोला ,” याद रखो !  जमा किया हुआ सोना ,मौत  का कारण बनता है। Top 10 Hindi Stories With Moral

 

6- दरवेश – एक सराहनीय कहानी  (Darvesh – A Commendable Story)

एक बार  जो दरवेश एक  गांव के पास से गुजर रहे थे।  तभी अचानक बादल आया और बारिश होने लगी।  बारिश के कारण कच्चे रास्ते पर कीचड़ और पानी इकट्ठा हो गया था।  उसी गांव में एक मोड़ होते ही  उनकी नजर एक नौजवान सुंदर लड़की पर पड़ी।  जिसकी पोशाक बहुत नफीस और नई थी।  वह पत्थर पर खड़ी थी।  और इधर उधर नजर दौड़ा रही थी कि किस  तरह  कीचड़ और गंदे पानी से बचकर रास्ते से निकला जाए।  शायद उसे अपने कोमल  पैरों और नए कपड़ा के खराब होने का डर था।  दोनों में से  एक दरवेस   जल्दी से आगे बढ़ा।

उसने लड़की को फूल की तरह उठाया।  और रास्ते के दूसरी ओर पहुंचा दिया।  उसका साथ ही उसे   आश्चर्य से देखता रह गया।  पहले दरवेश लड़की को दूसरी और पहुंचाकर पलटा।  और शिर  झुका कर फिर अपने कर्तव्य रास्ते की ओर च.ल पड़ा।  दूसरा  दरवेश उसके पास ही खड़ा था।  बहुत देर तक उन दोनों में कोई बातचीत नहीं हुई।

Darvesh – A Commendable Story !

जब वह एक  धर्मशाला में पहुंचे और  धर्मशाला के एक कमरे में  आराम किया।  तो दूसरे दरवेश  ने पहले दरवेश से कहा ! ” यार ! हमारे मजहब में  तो  औरतों को देखना , छूना और उससे बात करना गुनाह है।  और खास तौर पर तब जब औरत नौजवान हो।  और खूबसूरत।  फिर तूने ऐसा क्यों किया।  पहले दरवेश ने  हैरान होकर उसकी तरफ घूमते हुए देखा। Top 10 Hindi Stories With Moral

 और   बोला !,  मुझे नहीं पता कि वह खूबसूरत थी या बदसूरत।  नौजवान की या फिर बूढ़ी।  वह जैसी भी थी मैं तो उसे वहीं छोड़ आया था।   तू क्यों उसे अब तक अपने साथ लिए फिर रहा है।  इस पर दूसरा दरवेश  सरमाया।  और कुछ पलट कर जवाब ना दे सका।

 

7- रूसी लोक कथा – एक ऊँट और एक लड़का (Moral stories in hindi with pictures)

ऊट पालतू जानवरों में सबसे बड़ा जानवर माना जाता है।  इसको रेगिस्तान का जहाज भी कहते हैं।  ऊंट हमेशा वफादार जानवर होता है।  इसी प्रकार या कहानी  रूसी लोक कथा पर आधारित है।  रूस में एक आदमी  के पास  ऊट था।  वह   उसका वफादार जानवर था।  लेकिन वह बूढ़ा हो गया था इसलिए उसके मालिक ने उस से काम लेना बंद कर दिया था।  पुराने नौकर को अपने आखिरी दिन शांतिपूर्वक आराम से बिताने देने के ख्याल से।

लेकिन ऊंट की मर्जी और कुछ ही थी।  उसे इंसानी दयाल था प्यार की थपकी मीठी बातों और खेलने के साथ कान उमठे जाने की आदत तो पड़ेगी गई थी।  बेकार रहना उसे जरा भी नहीं भाया।  एक दिन एक लड़का रोटी का एक सूखा कपड़ा लेकर उसे ऊंट के पास गया।  उसने बताया मेरा नाम  हसन  है।  और ऊंट से कहा और तुम कौन हो।  तो उसने अपना नाम  चिंकी बताया।  तब उस लड़के ने कहा।  आओ दोस्त बनना है।  ऊंट को क्या आपत्ति होती। Top 10 Hindi Stories With Moral

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और वहां से हसन ऊंट पर सवार होकर  जंगलसे लकड़ियां लाता।   एक बार की बात है।   हसन चिंकी के साथ जंगल में दूर निकल गया।  गर्मी के दिन से उसे बहुत प्यास लगी।  पर आसन तो पानी की बोतल घर  भूल आया था।  उसे मालूम था कि सूखी झील में पानी के कुंड होते हैं।  वह उनकी तलाश में चल पड़ा।  लेकिन झील के पास चिंकी में आगे बढ़ने से इनकार कर दिया।

Top 10 Hindi Stories

 

यही नहीं  हसन उतर कर आगे बढ़ता तो चिंकी उसकी कमीज पकड़ लेता।  तुम्हें आज क्या हो गया है हसन बोला।  मुझे पानी पीने के लिए पानी चाहिए।  चिंकी ने उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया।  तब अपने आप को चिंकी से छुड़ाकर हसन आगे की ओर  झपट्टा।  और अचानक अपने घुटनों तक धंस गया। उस  झील में बहुत बालू थी।

बालू  उसे नीचे और नीचे खींच दी जा रही थी।   बूढ़े ऊट  को  उसके खतरे का पूरा एहसास था।  उसमें तेजी से जगह छोड़ने वाली बालू की और कुछ  डग भरे।  फिर अपने पेट के बल लेट गया।  और इंच इंच करके जूझते हुए लड़के की तरफ बढ़ने लगा।  अंत में उसने  हसन की उसकी कमीज़ अपने मजबूत दातों में पकड़ ली।  और झटके से उसको बालू में से बाहर खींच लिया।  हसन  ऊंट के  सिर के साथ  अपना सिर सटाकर  उससे  चिपक गया।  उसने अपनी उदास  दया पूर्ण आंखों से  हसन  की तरफ देखा।

लेकिन अपनी जगह से हिला नहीं।  तब कहीं जाकर  लड़के ने देखा कि   बालू  ऊंट के चारों तरफ घिर   आई है।  और जल्दी ही उसको पूरा निकल जाएगी।  वह गांव की ओर भागा।  जब वह  पड़ाव तक पहुंचा।  उसकी ताकत जवाब दे चुकी थी।   वहां  फटे स्वर मैं बोला।  बायर को बचाओ।  उसमें मेरी जान बचाई है।   और वह अचेत हो गया।  लड़के को जब होश आया।

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तब तक सुबह हो चुकी थी।  अचानक याद आते ही वह उछल कर अपने पैरों पर खड़ा हो गया।  और ची खा  चिंकी ! ” वह बाहर आया।  देखा चिंकी संतुष्ट भाव से अपना चारा  चवाता खड़ा था।  लड़के को देखते ही उसने अपना मुंह बंद कर दिया पोस्टर घुमा लिया।  हंसने की आंखों मैं खुशी अलग ही छलक रही थी।  और आंसुओं से उसकी आंखें भर आई।  और  वायर भी उसकी सहानुभूति को समझ चुका था।

लेकिन अपनी जगह से हिला नहीं।  तब कहीं जाकर  लड़के ने देखा कि   बालू  ऊंट के चारों तरफ घिर   आई है।  और जल्दी ही उसको पूरा निकल जाएगी।  वह गांव की ओर भागा।  जब वह  पड़ाव तक पहुंचा।  उसकी ताकत जवाब दे चुकी थी।   वहां  फटे स्वर मैं बोला।  बायर को बचाओ।  उसमें मेरी जान बचाई है। Top 10 Hindi Stories With Moral

और वह अचेत हो गया।  लड़के को जब होश आया।  तब तक सुबह हो चुकी थी।  अचानक याद आते ही वह उछल कर अपने पैरों पर खड़ा हो गया।  और ची खा  चिंकी ! ” वह बाहर आया।  देखा चिंकी संतुष्ट भाव से अपना चारा  चवाता खड़ा था।  लड़के को देखते ही उसने अपना मुंह बंद कर दिया पोस्टर घुमा लिया।  हंसने की आंखों मैं खुशी अलग ही छलक रही थी।  और आंसुओं से उसकी आंखें भर आई।  और  वायर भी उसकी सहानुभूति को समझ चुका था।

 

8- जापानी कथा – एक जुलाहे के प्यार कहानी !

पुराने जमाने की बात है।   जुलाहे की बहुत ही प्यारी सी सुंदर बेटी थी।  जिसका नाम था  तान्या।  खुशी-खुशी अपने माता-पिता के लिए कपड़ा बुना करती थी।  एक बार जब हुआ कपड़ा बुनने के लिए बैठ ही रही थी कि उसकी निगाह एक खूबसूरत जवान पर पड़ी।  जो  कुल्हाड़ा  हाथ में लिए उधर से गुजर रहा था।  उस पर मोहित हो गई। Top 10 Hindi Stories With Moral

बुनकर पिता ने भी बेटी का मन पढ़ कर उन दोनों का विवाह कर दिया।विवाह के बाद  वह दोनों एक दूसरे में इस कदर खो गए कि उन्हें काम धाम करने का होश ही ना रहा।  इसकी उन्हें जल्द ही सजा भी  भुगतानी पड़ी।  पिता ने क्रुद्ध होकर दोनों को  साल  में एक बार मिलने की इजाजत दी।  वह दिन है 7 जुलाई का।  कहते हैं कि वह रूपसी 19 वर्ष जीवित रहने के बाद तारा बन गई।

Ek julahe ki kahani -संसार की सर्वश्रेष्ठ 10 प्रेरक कहानियाँ !

और युवक 103 वर्ष के बाद नक्षत्र बन गया।  उसे वह को आकाश  गंगा के पश्चिम में रहना पड़ता है और रूपसी की पूर्व में।  मिलन का  साल भर प्रतीक्षा करते हैं यह युगल प्रेमी !  आकाश के सभी पक्षी इसी दिन आकाशगंगा पर अपने  पंख से पुल बनाते हैं।  ताक  वहां एक दूसरे से मिल सके।  7 जुलाई की पूर्व संध्या पर बच्चे गीत गाते हैं।  आसमानी मौसम तुम सिर्फ 1 दिन के लिए स्वच्छ हो जाओ।  लेखक प्रार्थना को नकार कर जब बादल बरसने   लगते हैं तो करोड़ों लोगों की आंखें नम हो जाती हैं।

वह  इस बरसात को आंसुओं की बरसात  कहते   हैं।  कल मौसम साफ होता है।  तो 7 जुलाई को चौकानेवाले चांद को तान्या मुक्ति कहते हैं।  इस  चांद की प्रशंसा में   कबि  आज भी कविता लिखते हैं।   क्षत्रिय शासनकाल  में सम्राट के महल के बगीचे में  7  पत्तों को रात भर और  ओस  में   भीगने के लिए रख दिया जाता था ।  खास किस्म की पत्थर की  दवातो  में।

स्याही के स्थान पर  ओस की बूंदों से   कबि  आज नयी  कविता लिखते हैं।  जापान में आज भी  लोग उपवास करते हैं।  उनकी मान्यता है कि यदि दोनों तारे एक साथ चमकते दिखाई देते हैं तो बुनकरों  और किसानो   के सौभाग्य में वृद्धि होती है।  जापान में आज भी है  यह परंपरा बरसों से चली  आ रही है।

 

9 -भगवान  शिव  को बनना पड़ा सेवादार – (Short moral stories in hindi for class 8)

काशी में विद्यापति नाम के एक बहुत बड़े विद्वान  पंडित रहते थे।  वह बड़े सरस और मधुर भाषी भी थे।  लेकिन वह  बहुत दुखी रहते थे।  कारण था उनकी पत्नी बड़ी  कर्कश और लड़ाकू थी।  विद्यापति भोलेनाथ के भक्त थे।   प्रतिदिन पूजा करने के  वक्त आंखों में आंसू भर कर कहां करते थे। बम भोले ऐसी जोड़ी क्यों मिलाई कुंवारा ही रखते तो तुम्हारा क्या बिगड़ जाता।  पर भोलेनाथ जी भी क्या करते कर्मों का फल तो भोगना ही पड़ता है।

पिछले जन्म में विद्यापति ब्राह्मण कुमार थे। वह बड़े चंचल और नटखट थे।  स्त्रियों की गागर फोड़ने में उन्हें बड़ा मजा आता था।  एक दिन उन्होंने एक हरिजन वृद्धा की गागर को निशाना बनाया।

DHARMIK KAHANI -संसार की सर्वश्रेष्ठ 10 प्रेरक कहानियाँ !

घड़ा फूट गया पानी गिर गया बुढ़िया  आंखों में आंसू लिए बोल उठी।  इस जन्म में तो नहीं अगले जन्म में देख लूंगी।  वही हरिजन बुढ़िया विद्या पति की धर्मपत्नी बनी।   1 दिन भोलेनाथ से विद्यापति का दुख  देखा ना गया।  Top 10 Hindi Stories With Moral

और एक गरीब  युवक के रूप में विद्यापति के सामने उपस्थित हुए और उन्हें प्रणाम करके बोले।  पंडित जी आपका नाम सुनकर बड़ी दूर से आ रहा हूं। गरीब आदमी हूं।   सेवा में रख लीजिए कृपा होगी।  घर का कामकाज से लेकर बस्तर करने  तक और घर बाहर का सारा काम करूंगा।  लोग मुझे जागना कहते हैं। विद्यापति ने  जागना को नौकर रख लिया।  1 दिन विद्यापति ने सवेरे – सवेरे जगना से कहा जगना घोड़ी सजा ! आज मुझे माधवपुर जाना है। तू साथ चलना।

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जगना झटपट घोड़ी सजाकर ले आया ,और पंडित विद्यापति सज – धज कर अपनी राशि घोड़ी  की पीठ पर बैठ गए। जगना घोड़े की लगाम पकड़कर चलने लगा। चलते चलते उन्हें दोपहर बीत गया।  विद्यापति को जंगलों के बीचो – बीच पहुंचकर प्यास लगी।  एक पेड़  के नीचे पहुंचकर जगना ने घोड़ी  खड़ी कर दी। और कहा  मैं पेड़ की छाया में आराम करूंगा तू कहीं से पीने के लिए पानी ला।  जगना ने  घोड़ी उसी पेड़ से बांधी और उसने  घोड़ी की अघारी  से चादर  निकाल कर पेड़ के नीचे बिस्तर लगा दिया।

विद्यापति अब चादर पर बैठ गए और  जगना लोटा लेकर जंगल की तरफ निकल पड़ा। पर वह तो जंगल था दूर-दूर तक कोई कुआं और  न  कोई तालाब था।  पानी मिले तो मिले कैसे ।  पर भोलेनाथ अपनी जटाओं में गंगा को लिए फिरते हैं। उनके लिए पानी की कहां और कब कमी है। जगना ने कुछ दूर जाकर ओट  में खड़े होकर अपने  बाल को  निचोड़ा  देखते – देखते लोटा गंगाजल से भर गया। गंगाजल से  भरा हुआ लोटा लेकर विद्यापति के पास पहुंचा।

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और बोला पंडित जी पानी ले आया।  विद्यापति जगना  की ओर देखते हुए।  हाथ में लोटा लेकर उसे मुंह से लगा लिया सचमुच बड़ा शीतल जल था।   विद्यापति जल की एक घूंट पीते ही चकित होते हुए यह तो  गंगाजल है।  पवित्र जल और इस जंगल में  जगना को कहां मिला।  विद्यापति बिसमय  भरे स्वर में बोल उठे। जगना तुझे कहाँ  मिला। यह तो गंगाजल है।   सच – सच बता यह  जल कहां से मिला।  जगना उत्तर दे तो क्या दें।  वह बातें बनाने लगा विद्यापति के मन में संदेह  जाग उठा।

विद्यापति ने जगना की ओर देखते हुए कहा जगना सच-सच बता तू कौन है।  क्या सच में बताएगा ? नहीं तो मैं प्राण दे दूंगा।  भोलेनाथ संकट में पड़ गए। आखिर उन्हें भेद खोल ना ही पड़ा।   पंडित जी मैं जगना  के रूप में शिव शंकर हूं।  मुझसे  आपका दुख देखा नहीं गया मैं जगना के रूप में आपकी सेवा करने के लिए आ गया।  जब तक आप इस भेद को किसी से  प्रकट नहीं करेंगे ! तब तक मैं आपके पास रहकर इसी तरह आपकी सेवा करूंगा।

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कई महीनों बाद की बात है एक दिन पंडिताइन  ने जगना को सब्जी खरीदने के लिए भेजा था लेकिन उसे लौटते समय काफी देर हो गई।  जिस तरह चूल्हे में आग जल रही थी उसी तरह पंडिताइन का कलेजा  जलने  लगा और जब जगना सब्जी लेकर घर में आया तो क्रोध में पंडिताइन  ने चूल्हे की जलती हुई लकड़ी लेकर  जगना के ऊपर फैक दी। Top 10 Hindi Stories With Moral

विद्यापति शिव शंकर को दिए वचन की बात भूल गए।  और ऊंचे स्वर में  बोले  अरे चांडालिन   जगना तो साक्षात भोलेनाथ हैं।  विद्यापति का कहना था कि भोलेनाथ गायब हो गए।  विद्यापति क्या करते  सिवाय आंसू बहाने के और इस बात पर पश्चाताप करने लगे।  और बाद में भगवान शिव से माफी मांगी।

 

10-  लोमड़ी  या  घोड़े का बच्चा –  (Moral stories in hindi for class 10)

एक समय की बात है किसी  जुलाहे को घोड़ा खरीदने की धुन सवार हो गई।  क्योंकि एक घोड़े की कीमत कम से कम 100  रुपए थी।  जो यह पुराने समय की बात है। उस  समय 100 रूपये का  बहुत ही महत्व  हुआ करता था। इसलिए उसने अपने सारे बुने हुए कपड़े मात्र 50  रुपए में बेच दिए और बाकी के 50  रुपए अपनी बीवी से लड़ झगड़ कर ले लिए।

और अपने एक दोस्त के साथ उस स्थान पर पहुंचा जहां सुंदर-सुंदर घोड़े बिकने आते थे। और साथ में मेला भी लगता था।  उन्होंने कई लोगों से घोड़ा खरीदने के संबंध में बातचीत की।  जल्दी ही वह कुछ धूर्त लोगों के चंगुल में फंस गए।  चांडाल लोगों को यह समझने में देर नहीं लगी कि घोड़े के खरीददार जुलाहे होने के साथ ही यह बुद्धू और पागल भी हैं।  जुलाहे का कृपा पात्र बनने में उन भूतों को अधिक समय नहीं लगा।

उन्होंने  जुलाहों  को सलाह दी कि वह घोड़े की जगह एक अंडा खरीद लें।  अंडे से जल्द ही एक सुंदर  बच्चा निकलेगा ।  उन्होंने जुलाई को यह विश्वास दिलाया कि वह उन्हें इस संबंध में हर संभव मदद करेंगे।  उन्होंने कहा।  यदि तुम भूरे रंग का घोड़ा चाहते हो तो हम तुम्हें वैसा ही अंडा खरीदना देंगे।  जिससे कि भूरे रंग का बच्चा पैदा होगा।   इस तरह तुम्हें बहुत ही कम कीमत पर एक अच्छा घोड़ा मिल जाएगा। जुलाहे जट्ट राजी हो गए।

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एक कद्दू पर सुंदर कपड़ा लपेटकर उन्होंने बड़ी सावधानीपूर्वक  जुलाहों  के सामने पेश किया।  जल्दी ही सोदा  पक्का हो गया और भुगतान भी कर दिया गया।  उन्होंने   जुलाहे को यह सलाह दी कि वह अंडा अपनी कंधा पर ढोकर ले जाएं।  और किसी भी स्थिति में उसे जमीन पर न रखें।  जुलाहे बहुत खुश थे।  अंडा लेकर वह अपने गांव की ओर चल पड़े।  दोपहर को उनकी इच्छा किसी पेड़ के नीचे विश्राम करने की हुई।  और उन्हें भूख भी लग रही थी।

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इसलिए उन्होंने पेड़ के पास ही के बड़े की झाड़ पर वह अंडा रख दिया।  और भोजन करने बैठ गए।  दुर्भाग्यवश अंडे का  बजन इतना था कि  झाड़ के लिए सहना कठिन था।  अंडे का बजन अधिक होने के कारण वह अंडा जमीन पर गिर पड़ा।   वह  भारी  कद्दू धमाके के साथ जमीन पर गिरा था।  संजोग बस उसी झाड़ी में छुपकर एक लोमड़ी बैठी थी।  और आवाज के कारण वह लोमड़ी भाग खड़ी हुई।  जैसे ही लोमड़ी भागी। Top 10 Hindi Stories With Moral

उन दोनों  जुलाहो ने  समझा कि घोड़े का बच्चा अंडे से निकल कर भाग गया।  और वह दोनों उस लोमड़ी को घोड़े का बच्चा समझकर उसके पीछे दौड़ पड़े।  लेकिन वह लोमड़ी जल्दी ही उनकी नजरों से ओझल हो गई।  और किसी दूसरी झाड़ में जाकर छुप गई।  अब उनके हाथ में क्या था दोनों अपना सिर पकड़ कर बैठ गए।  और रोते बिलखते हुए अपने घर लौटे।

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