Shavayaatra Ke Baad Kyon Nahaate Hai – शवयात्रा के बाद क्यों नहाते है लोग – जानिये पूरा रहष् ?

वैसे तो हर मनुष्य को सूर्योदय से पहले नहा लेना चाहिए। इसके महत्त्व को ग्रन्थो और पुराणों में भी बताया गया  है। सूर्योदय से पहले नहाना किसी दूध के नहाने से कम  नहीं है। क्योकि जल्दी सुवह नहाया हुआ मनुष्य अपने शरीर में एक नई  ऊर्जा  एंव तरोताजा महसूस करता है। तो आज हम बात करने बाले है की शवयात्रा से लौटने के बाद हर मनुष्य को क्यों नहाना चहिये। इस बारे में लोगों  के दो मत है जो में आपके सामने नीचे  दिए आर्टिकल में वर्णन कर रहा हू। (Shavayaatra Ke Baad Kyon Nahaate Hai)

Shavayaatra Ke Baad Kyon Nahaate Hai 

Shavayaatra Ke Baad Kyon Nahaate Hai- शवयात्रा से लौटने के बाद क्यों नहाते है लोग !

 
पौराणिक मान्यता के अनुसार जब मनुष्य की आत्मा उसके स्थूल शरीर से बाहर निकलती है। तो वह किसी एक छिद्र से बाहर निकलती है जैसे – आंख, कान ,नाक , मुँह ,गुदा  आदि। जब आत्मा किसी एक अंग से बाहर निकलती है जैसे -आंख, कान ,नाक , मुँह तो उस अंग से रक्त स्राव या एक प्रकार का द्रव बाहर आने लगता है ,अगर किसी मनुष्य की आत्मा उसके गुदा द्वार से बाहर निकलती है तो उसके गुदा द्वार से मल बाहर निकल आता  हैं। और उस मनुष्य के शरीर को बैक्टीरया  अपना घर  बना लेते है। अगर हम वैज्ञानिकों  की माने तो ,
 
यह भी कहा गया है कि  मृत मनुष्य के शरीर में बैक्टीरया 8 घण्टे में दस गुना तक बढ़  जाते है। अगर किसी  ब्यक्ति की  किसी गंभीर बीमारी के चलते मृत्यु हुई है। जैसे -कैंसर ,टीवी ,हेपेटाइटस  आदि तो बैक्टीरया फैलने और किसी भी स्वस्थ मनुष्य को बीमारी लगने का  खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता  है। भले ही ये बीमारी छुआछूत से नहीं फैलती है।लेकिन  घरेलु मक्खीयां मनुष्य के मृत शरीर पर बैठकर हमारे शरीर पर भी बैठती है।  और  किसी भी बीमारी के कीटाड़ुओं  का आदान -प्रदान करती है। अतः  इन कीटाड़ुओं  या बैक्टिरिया के बचाब के कारण हम शवयात्रा से लौटने के बाद नहाते है। यह हमारे पूर्वजों के समय से बहुत पहले  की  प्राचीन परम्परा रही है। (Shavayaatra Ke Baad Kyon Nahaate Hai)

 

शवयात्रा से लौटने के बाद क्यों नहाना चाहिए ?

 

गरुण पुराण के अनुसार माना  जाता हैं  की किसी  मनुष्य की मृत्यु होने पर  उसी मनुष्य की  आत्मा उस मृत शरीर के आस – पास्   ही रहती है। और जब हम लोग मृत शरीर को जला या दफना देते है तब वह आत्मा हमारे घर-मकान  के इर्द-गिर्द  ही घूमता रहता है। इसलिए हम लोग उस आत्मा की शान्ति के लिए  शवयात्रा से लौटने के बाद  नहाते है व् शवयात्रा  के समय पहने हुए कपडे भी धोते है।उस समय  मनुष्य का नहाना  किसी तर्पण से कम नहीं होता। 
 
और आत्मा को शांति प्रदान करता है। इतना ही नहीं आत्मा की  शांति के लिए  प्राचीन परम्परा के अनुसार  हम लोग दूसरे या तीसरे दिन अपना घर पवित्र करते है। और अपने शरीर को पवित्र करने के लिए सिर  के बाल , व् मोंछे भी कटवाते है।  और उस भूखी –  प्यासी   आत्मा को तृप्त करने के लिए उसे कड़ी – चावल किसी खेत  या घर  की छत पर रखते है। गरुण पुराण के अनुसार तब आत्मा भोजन  से  तृप्त होकर यम लोक को प्रस्थान करती है। 


You May Like – मनुष्य को आत्माएं क्यों दिखाई नहीं देती – जाने इसकी वजह।

हेल्लो  दोस्तों यह ग्रंथो पर आधारित जानकारी शवयात्रा से लौटने के बाद क्यों नहाते है लोग आपको कैसे लगी ,कृपया कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बताए। और साथ में लाइक और शेयर जरूर करे। इस जानकारी को शेयर करके आप  अपने दोस्तों को भी अवगत कराये । 
  
तो फिर मिलेंगे दोस्तों तब तक के लिए अलविदा। और इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए आपको बहुत-बहुत धन्यबाद। 
1Shares
error: Content is protected !!