Sanjhi kya hai | Sanjhi Mata ki kahani – सांझी  कुंवारी कन्याओं की देवी !

Sanjhi kya hai | Sanjhi Mata ki kahani ! अच्छा वर और अखंड  सुहाग किस कन्या को नहीं चाहिए।  कदाचित इसलिए राजस्थान, हरियाणा, मालवा, उत्तर प्रदेश सहित अनेक प्रदेश में श्राद्ध पक्ष के दिनों में कुवारी कन्याएं अच्छे वर और अखंड सुहाग की कामना से सांझी बनाती है।  सांझी के सामने देवियों के भजन गाती हैं।  और कहीं-कहीं भजन अथवा लोकगीत गाते हुए पड़ोसियों के द्वार पर जाकर उसे प्रदर्शित करती हैं। पड़ोसियों तथा गांव के लोगों से पुरस्कार भी प्राप्त करती हैं।

Sanjhi kya hai | Sanjhi Mata ki kahani

 

You May Like – 15 Hindi Short Stories With Moral for kids – 15 प्रेरणादायक कहानियाँ

Sanjhi kya hai | Sanjhi Mata ki kahani | sanjhi kaise banate hain !

सांझी का रिवाज काफी पुराना एवं प्रचलित है।  आज हम इसके बारे में बताने जा रहे हैं।  इस संबंध में विभिन्न विभिन्न प्रदेशों में भिन्न-भिन्न मान्यताएं हैं।  कहीं वह दुर्गा  या पार्वती  माता का प्रतीक मानी जाती हैं।  तो कहीं उसे एक विवाहिता ब्राह्मणी माना जाता है।  कहीं उसे अब तक अछूत समझी जाने वाली जाति की कन्या माना जाता है।  जिसकी मृत विवाह के तुरंत बाद हो गई थी। Sanjhi kya hai ?

अछूत जाति की कन्या से सांझी का संबंध कदाचित इसलिए भी हो सकता है।  क्योंकि सांझी का रिवाज प्रचलित विश्वास के अनुसार  सांझी  बाई  षोडशी थी।  इसलिए कुवारी  कन्याओं की मान्यताएं  पाटला पूनम से अमावस्या तक का एक ऐसा अनुष्ठान बनाती हैं जिसमें 16 दिन तक नित्य नई सांझी  का अंकन किया जाता है।  तथा  कुंवारी कन्याओं के अनुसार  सांझी का 1 दिन 1 वर्ष के बराबर होता है।

सांझी  कुंवारी कन्याओं की देवी | Sanjhi Mata ki kahani in Hindi  !

उसके 16 अंकनों के  बाद वह पूर्ण यौवन  प्राप्त कर ससुराल जाती है।  कोर्ट निर्माण के बाद अंतिम दिन सांझी विसर्जन का होता है।  इस दिन वह पितृ  मूल्यतः  अछूत समझे जाने वाले समाज में ही प्रचलित है।  सांझी बाई कोई भी हो किंतु प्रचलित रिवाज के आधार पर यह तो माना ही जा सकता है कि उसका व्यक्तित्व चमत्कारिक अवश्य रहा होगा।  जो अपने पिता ग्रह को छोड़कर पति ग्रह चली जाती है। Sanjhi kya hai ?

सांझी को बिल्कुल विधि पूर्वक एवं पूरी आस्था के साथ विदा करने वाली कन्याओं को इस मान्यता के अनुसार अच्छा वर मिलता है और वे आजीवन सुहागन रहती हैं।

You May Like – Akbar Birbal Stories In Hindi | अकबर बीरबल की 20 रोचक कहानियां !!!

नमस्कार दोस्तों  “Sanjhi kya hai | Sanjhi Mata ki kahani – सांझी  कुंवारी कन्याओं की देवी ! ” आपको अच्छी लगी  हो तो कृपया कमेंट और शेयर जरूर करें  –  इस  कहानी  को पढ़ने के लिए आपका बहुत -बहुत  धन्यबाद     !!! आपका दिन मंगलमय हो !!!

1Shares