Maa ka Pyar Beta Gaddar | मां का प्यार बेटा गद्दार – एक माँ की दर्द भरी कहानी।

दोस्तों वैसे तो यह संसार मतलब का है Maa ka Pyar Beta Gaddar और मतलब का ही यहां पर प्यार देखा गया है लेकिन मां की ममता मां का प्यार विचित्र होता है आप इस कहानी को पढ़ेंगे तो आपकी आंखें आंसुओं से भर जांएगी दोस्तों सुखदेवी नाम की एक महिला थी, जो भगवान की ऐसी लीला कि दुर्भाग्यपूर्ण उसके पति का देहावसान हो गया।  सुखदेवी पर एक लड़का था जिसकी उम्र मात्र पति के देहावसान के समय में 2 महीने की थी ,जिसे सुखदेवी अपने प्राणों से भी ज्यादा प्यार करती थी क्योंकि संसार में जो भी कुछ था उसका एकमात्र सहारा उसका बेटा ही था सुखदेवी के घर का खर्चा चलाने वाला कोई नहीं था।(Maa ka Pyar Beta Gaddar)

 

Maa ka Pyar Beta Gaddar

Maa ka Pyar Beta Gaddar – मां का प्यार बेटा गद्दार -एक माँ की दर्द भरी कहानी। 

लेकिन वह हिम्मत बांधकर मेहनत मजदूरी करने लगी। जब उसका बेटा 5 वर्ष का हो गया तो उसने शिक्षा दिलाने के लिए अपने बेटे  का नाम विद्यालय में लिखा दिया।  सुखदेवी मन ही मन में यह सोचती थी। कि जब उसका  बेटा पढ़ लिख कर बड़ा हो जाएगा तो मुझे सुख की प्राप्ति अवश्य होगी। और ऐसी बात को सोचकर वह बहुत खुश हो जाती थी।
लेकिन जब उसका कुछ  बेटा बड़ा हो गया तो उसकी संगति गलत लोगों के साथ पड़ गई,और उसने दूसरी रास्ता पकड़ ली गलत रास्ते पर चलने वाले दोस्तों को अपना दोस्त बना लिया। और वह शराब पीने लगा और वेश्याओं की संगति करने लगा किसी भी काम में अपनी मां की बिल्कुल सहायता नहीं करता था। (Maa ka Pyar Beta Gaddar)

पूरे दिन गंदे दोस्तों में और वेश्याओं में बिताता था दिन रात कठिन मजदूरी करके उस माँ  ने अपने पुत्र को पाला खुद भूखी रही लेकिन पुत्र को कभी भूखा नहीं सोने  दिया अर्थात अनेक कष्ट सहकर अपने आंख के तारे को पाला पोसा और अपने पुत्र  को पढ़ाया लिखाया और जब वो जवान हुआ तो मां के प्यार को भूल गया और कुसंगति यों में पड़ गया। धीरे – धीरे वह  गलत संगति  के कारण उसी गांव की एक लड़की के चक्कर में पड़  गया। और वह उसके घर पर आने -जाने लगा।

Maa ka mahatva in hindi – एक माँ की दर्द भरी कहानी ! 

जब वह लड़की के घर से अपने घर वापस आता तो मां जब उससे पूछती कि बेटा तुम कहां से आए हो तो वह अपनी मां को बहुत बुरी तरह फटकार मरता  और मां से झगड़ा करने लगता।  मां के दुख का कोई ठिकाना नहीं रहा ।उसकी मां एक दिन बहुत दुःखी होकर घर के एक कोने में बैठ कर फफक फफक कर रोने लगी।  धीरे धीरे लड़का अब इतना शैतान हो गया कि मां के सामने ही शराब पीने लगा।

मां जब ऐसा सब कुछ देखती तो अपने बेटे के सामने दोनों हाथ जोड़ कर कहती कि बेटा ऐसा मत कर मैंने तुझे बड़े प्यार से पाला है मेरा इस दुनिया में कोई नहीं है बस तू ही एक मात्र सहारा है।  इसलिए बेटा मेरी बात को मान जा ऐसा काम बिल्कुल मत कर।

यह शराब  तेरी सेहत के लिए अच्छी नहीं है। यह बात सुनकर लड़के  को गुस्सा आ गया और अपनी मां को धक्का मार कर जिस लड़की से वह प्यार करता था उसके घर पर चला गया। लेकिन दोस्तों मां का प्यार तो बड़ा विलक्षण होता है मां ने अपने मन में सोचा चलो कोई बात नहीं है। बड़ा होकर शायद  उसकी समझ में आ  जाये।

यह कहकर अपने मन को तसल्ली दे देती।और वह खाना बनाने लगती। और वह खाना बनाने की बाद सोचती है कि मैं खाना तभी खाऊंगी  जब मेरा बेटा खाना खा लेगा। लेकिन एक दिन जब उसका लड़का शाम तक घर नहीं आया तो माँ उसे ढूंढने के लिए निकल पड़ी  और रास्ते  में जो लोग मिलते। 

 

Maa ka adbhut Pyar

 

Mothers day essay in hindi !

वह सभी से पूछती की अपने मेरा बेटा  देखा है क्या। लेकिन उसकी माँ उसका कोई पता नहीं लगा सकी और अपने घर लौट आई। दोस्तों उधर वह लड़का उस लड़की के घर पर था जिससे वह प्यार करता था। उस लड़की के प्यार में वह लड़का पागल हो चुका था ।

उस लड़की से वह लड़का बार-बार बोलता है कि मैं तुम्हारे बिना जीवित नहीं रह सकता मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं। इसलिए तुम मुझसे शादी कर लो मैं तुम्हारा जिंदगी भर साथ निभाऊंगा तो लड़की बोलती है। (Maa ka Pyar Beta Gaddar)

 

शादी में तब करूंगी, जो मैं कहूंगी वह काम आप कर दोगे तो लड़का बोला बताओ वह कौन सा काम है लड़की बोलती है कि तुम मुझसे इतना प्यार करते हो तो तुम अपनी मां के सीने से दिल निकाल कर के मुझे दे दो। लड़का बोला यह कौन सी बड़ी बात है मैं आज ही दे दूंगा । लड़का यह बात सुनकर तुरंत ही अपने घर की ओर आता है तो लड़के की मां अपने बेटा को देखकर बहुत ही खुश हो जाती है।

और बोलती है बेटा तुम कहां गए थे तुम्हें बहुत जोर की भूख लगी होगी तुमने अभी तक खाना तक नहीं खाया है। लेकिन प्यार में पागल दीवाना लड़का ने अपने हाथ में चाकू ले लिया और अपनी मां को जमीन पर जबरदस्ती से लिटालिया ।

Mother love ek dard bhari kahani !

मां बहुत तेजी  बिलखने लगी लेकिन उस पापी ने अपनी मां की एक न सुनी उसे तो बस अपना प्यार ही नजर आ रहा था। उसने अपने मां के सीने को चाकू से फाड़ दिया और तुरंत दिल निकाल लिया मां का तुरंत देहावसान हो गया अब वह पापी लड़का मां का दिल निकाल कर बड़ा खुश हो गया और उस लड़की के घर की तरफ चलने लगा।

और मन में बड़ा खुश होकर सोच रहा है कि अब मैं अपनी प्रेमिका से शादी कर लूंगा।  जब वह लड़का उस लड़की के पास पहुंच जाता है।(Maa ka Pyar Beta Gaddar)तो  उस लड़की से कहता है कि देखो मैंने अपनी मां का दिल निकाल लिया है जैसे ही खून से लथपथ हाथों में रखे दिल को वह लड़की देखती है।

तो उसके पैरों तले जमीन खिसक जाती है। और वह चीखने लगती है और बोलती है अरे पापी तूने यह क्या किया।  जिस मां ने तुझे बड़े लाड प्यार से पाला खुद भूखी रही और तुझे खाना दिया उस मां को तूने अपने हाथों से ही  मार दिया। तेरे जैसा पापी इस संसार में कोई नहीं हो सकता मेरी आंखों से दूर हो जा।

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Maa ka mahatva in hindi !

मैं तेरे शरीर को नहीं देखना चाहती तो लड़का बहुत तेजी से घबराने लगा, और बोला कि तुम यह क्या बोल रही हो प्यारी तुमने तो बोला था कि मां के दिल को निकाल कर लेकर आओ तब मैं तुमसे शादी करूंगी तो लड़की कहती है। मैंने तो तुम्हारी परीक्षा ली थी।  कि जिस मां ने तुम्हें जन्म दिया और उसने तुम्हें सबसे ज्यादा प्यार किया तो तुम उस माँ से  कितना प्यार करते हो।

मैं ऐसे पापी से कभी शादी नहीं कर सकती ,जब यह बात आसपास कि लोगों को पता लगी तो वहीं पर पुलिस आ जाती है। और उन दोनों लोगों को पकड़ लेती है।  और पकड़ कर पिटाई लगाती है। पूछती है यह काम कैसे हुआ तो दोनों लोग अपने अपने जुर्म को कबूल कर लेते हैं।(Maa ka Pyar Beta Gaddar)

जब उन दोनों लड़का-लड़की को पुलिस न्यायालय में ले जाती है तब जज के सामने दोनों को पेश किया जाता है और पुलिस उस मां के दिल को जज साहब के सामने मेज पर रख देती है।  जो दिल लड़का ने अपनी मां के सीने से निकाला था। फिर जज साहब ने दोनों से पूछा यह काम कैसे हुआ। फिर दोनों ने अपनी पूरी सच्चाई बता दी।

फिर दोनों जज साहब के सामने गिड़गिड़ा ने लगे और बोले कि यह काम हमसे धोखे से हो गया।  हमें माफ कर दो। जज साहब ने उनकी एक भी बात नहीं सुनी और लड़के को फांसी की सजा सुना दी।  जैसे ही जज साहब ने उस लड़के को फांसी की सजा सुनाई तो।

ek maa ki dard bhari kahani !

जज साहब की टेबल पर रखे उस माँ के दिल से एक आवाज आई  कि जज साहब थोड़ा रुको, मेरी आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि मेरे बेटे को छोड़ दो मेरे बेटे का कोई कसूर नहीं है।जज साहब अपने होठों पर कलम रखकर चक्कर में पड़ गए।  यह क्या हुआ यह भगवान की यह कैसी लीला है और सोचने लगे कि अब मैं अच्छे से समझ गया कि इस दुनिया में मां के दिल जैसा किसी का दिल नहीं हो सकता। जो मर कर भी अपने बेटे के प्राणों की रक्षा की दुआ कर रही है। इस प्रकार जज साहब उन दोनों लड़का लड़की को रिहा कर देते हैं।

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तो दोस्तों इस कहानी से हमें यह सबक मिलता है कि मां को कभी कष्ट नहीं पहुंचाना चाहिए, क्योंकि इस दुनिया में हमारी लंबी आयु की कामना माँ ही करती है। और माँ का प्यार ही एक निस्वार्थ प्यार होता है।

मां जैसा प्यार हमसे कोई नहीं कर सकता।
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