Ek Raja ki Prem Kahani – दसमत और महानदेव की कहानी !

Ek Raja ki Prem Kahani ! एक बार की बात है घोंरा  नगर के मैदान में 9 लाख उड़िया लोग आकर  रुके हुए थे।  उस राज्य की परंपरा के अनुसार वे राजा  महानदेव  से भेंट करने गए।  राजा का हरना  बांध   नामक तालाब  सूखा पड़ा था।  उसने उड़िया लोगों से कहा कि सूखे  हुए तालाब को गहरा खोज दे।  ताकि पानी आ जाए।  उड़िया लोग उत्साह से काम में लग गये ।  पुरुष  तालाब खोदते  और  स्त्रियां तालाब से मिट्टी बाहर फेंक देती  थी।   इनमें  से  एक  दसमत नाम की एक अत्यधिक सुन्दर स्त्री थी।

Ek Raja ki Prem Kahani

 

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Ek Raja ki Prem Kahani | राजा और मजदूर की कहानी !

एक दिन राजा महानदेव तालाब का काम देखने आया।  तो उसकी नजर दशमत पर पड़ गई।  वह उस पर मोहित हो गया।  उसने कंकर मार कर उसे पास आने का संकेत किया।  दशमत चरित्रवान थी।  उसने राजा को समझाने की कोशिश की।  पर वह न माना।  कीटोर नामक एक चिड़िया भी उसका वार्तालाप सुन  रही थी।  उसने भी राजा महानदेव  को समझाया।  पर राजा महानदेव ने उसकी बात भी नहीं मानी।

दूसरे दिन  दशमत ने अपनी बिरादरी में यह बात बताई।  बिरादरी के लोग राजा महानदेव को नाराज नहीं करना चाहते थे।  उन्होंने एक उपाय सोचा कि राजा से कहा जाए कि वह  दशमत  को प्राप्त करने के लिए उड़िया लोगों की बात मानकर उनके साथ मेहनत मजदूरी करें।  दशमत पर आसक्त राजा उसके लिए भी तैयार हो गया।  पर राजा था।  महलों में बचपन से पला – बड़ा।  वह  काम करने में असफल रहा।  पर अपनी जिद पर अड़ा रहा।  Ek Raja ki Prem Kahani !

 दसमत और महानदेव की कहानी !

इसी बीच  उड़िया लोगों ने दूसरा उपाय सोचा।  उन्होंने राजा से मांस और मदिरा का सेवन करने के लिए कहा।  राजा इस पर भी सहमत हो गया। और  मदिरा पीकर राजा बेहोश हो गया।  तो मौका पाकर उड़िया लोग घोंरा नामक नगर से चल पड़े। वे सुरमीडीह जा पहुंचे और ओडार बांध नामक सरोवर बनाने लगे।  होश में आने पर राजा महानदेव  भी सुरमीडीह पहुंच गया।  दशमत ने राजा को फिर समझाया पर वह न माना। Ek Raja ki Prem Kahani !

 

दसमत और महानदेव की कहानी

 

 

कोई चारा न देख सारे उड़िया लोग ओडार बांध नामक  सरोवर में कूदकर मर गये ।  अकेली दशमत ने भी चिता बनाई और जलकर मर गई।  देखते – देखते उसकी भस्म  एक शिला में बदल गई।  राजा महानदेव दशमत को बेहद चाहता ही था।  उसने उस शिला खंड पर सिर पटक पटक कर जान दे दी।  यह थी एक सच्ची प्यार की कहानी।

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