Bahan ki Antim Rakhi – बहन की अंतिम राखी, एक पवित्र एंव दर्द भरी कहानी !

दोस्तो Bahan ki Antim Rakhi आप इस कहानी में पढ़ोगे कि किस तरीके से एक बहन ने अपने भाई की कलाई में राखी नहीं बांध पाई और बांधी भी तो किस हालात में। यह हालात जब देखोगे तो आपकी आंखों से आंसू जरूर झलक पड़ेंगे। भाइयों अमर सिंह नाम का एक आदमी था जो बहुत धनवान था अमर सिंह की एक लड़की थी जिसका नाम कमला था और उसके 5 लड़के थे।  पांच पुत्रों के बीच एक लड़की थी इसलिए पूरे परिवार में वह सब लोगों की बहुत लाडली बेटी थी ।(Bahan ki Antim Rakhi)

 

Bahan ki Antim Rakhi 

कमला बहुत सुंदर लगती थी। जब वह लड़की कमला धीरे-धीरे शादी योग्य हो जाती है।  तो कमला का बड़ा भाई जो कमला से सबसे ज्यादा प्यार करता था।  सोचने लगा कि अब मेरी बहिन शादी योग्य हो गई है, मुझे अच्छा सा लड़का देखना चाहिए ,दूसरे दिन  वह  अपनी बहन के लिए वर की तलाश करने के लिए चल पड़ा और रास्ते में चलते-चलते सोचता जा रहा है।

कि मैं अपनी बहन की शादी ऐसे घर में करूंगा जिस घर में धन की कमी ना हो और अच्छे विचार वाले लोग हों ।  आगे चलकर एक शहर में अच्छा घर मिल जाता है ,तो वह अपनी बहन की शादी पक्की कर देता है।  शादी पक्की करने के बाद में बड़े धूमधाम से अपने घर पर बारात बुलाई और बहुत सारा धन अपनी बहन को दहेज में दिया।

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Bahan-ki-Antim-Rakhi  – बहन की अंतिम राखी, एक पवित्र एंव  दर्द भरी कहानी ! 

अब सबसे छोटी बहन कमला अपने पांचों भाइयों और परिवार को छोड़कर कर  ससुराल चल देती है तो पूरा घर दुख में डूब जाता है। बहुत दिन हो जाते हैं, लेकिन बहन अपने भाइयों से नहीं मिल पाती है। कुछ दिनों के बाद में कमला के गर्भ से एक बालक जन्म लेता है। तब एक दिन कमला को अपने भाइयों की एवं माता पिता की याद आती है । bhai behan story in hindi

कमला एक दिन सोच रही थी कि मुझे काफी दिन हो गए मेरे भैया के पास तक मैंने कोई सूचना भी नहीं भेज पाई और ना ही मेरे भाई ने मुझे अभी तक बुलाया अब श्रावण का महीना है। रक्षाबंधन आने वाले हैं अब तो मैं अपने भाइयों के पास अवश्य जाऊंगी। फिर कुछ दिन गुजर जाने के बाद वह अपनी सासु माँ से जाने के लिए पूछती है।(Bahan ki Antim Rakhi- बहन की अंतिम राखी )

और कहती है कि मां मुझे अपने भाइयों के पास जाना है। मुझे अपने भाइयों की याद बहुत आ रही है। और सावन का महीना भी आ गया है ,मैं अपने भाइयों की राखी भी बांध दूंगी और अपनी साथ की सहेलियों से भी मिल आउंगी।  उसकी सासु माँ  ने जवाब दिया कि बहु तुम कहीं मत जाओ और अगर जाना है तो अपने भाई को खबर भेज दो तो उनके साथ चली जाना।

अगर तुम्हारे भाई नहीं आएँगे तो तुम्हारे पति को अभी फुर्सत नहीं है जब फुर्सत हो जाएगी तब मैं उनको भेज दूंगी उनके साथ चली जाना पर अकेली मत जाओ लेकिन कमला ने सासु मां की एक बात भी नहीं मानी और चलने के लिए तैयार हो गई।  अपने शरीर को सोने की तरह तरह की आभूषणों से सजाती है

बहन की अंतिम राखी एक पवित्र एंव  दर्द भरी कहानी

अब कमला अपने मासूम बच्चों को लेकर चल देती है जब रास्ते में कमला जा रही होती है।  तो सोच रही थी कि मैं अपने भाइयों के  राखी बंधुगी और बहुत दिनों में अपनी साथ की सहेलियों से मिलूंगी उसे क्या पता मेरे साथ क्या होने वाला है रास्ते में अकेली चलती जा रही थी कि अचानक रास्ते में बदमाश मिल गए, और बदमाशों ने कमला के शरीर पर लाखों रुपए के आभूषण देखें तो मन को ललचाने लगे।

और तुरंत कमला को चारों तरफ से घेर लेते हैं। एक बदमाश दूसरे बदमाश कहता है कि देखता क्या है पकड़ लो इसके बच्चे को छीनकर के दूर फेंक दो अब उस बेचारी बहन के बच्चे को पकड़ लिया और छीनकर दूर फेंक दिया वह बेचारी हाथ जोड़कर विनती करती है।(Bahan ki Antim Rakhi)

पर उन्होंने उसकी एक बात भी नहीं सुनी। कमला को घसीट कर झाड़ियों में ले जाने लगे अब कमला चीख चीख कर रो रही है ,कह रही है कि हे भगवान मेरी रक्षा करो कमला के शरीर से बदमाश सब आभूषण उतार लेते हैं कमला कहने लगी कि भाइयों हमारे पास जितना आभूषण है सब ले लो। raksha bandhan bhai behan ka pyar ki kahani !

लेकिन मुझे और मेरे बच्चों को छोड़ दो लेकिन उन राक्षसों ने उसकी एक भी बात नहीं सुनी तुरंत उसके चाकू मार दिया बेचारी कमला बेहोश हो जाती है दोस्तों कमला की क्या अरमान थी पल में क्या हो गया।  वह तो रास्ते में सोच रही थी कि मैं अपने परिवार वालों से मिलूंगी अपने भाइयों की कलाई में राखी बांध दूंगी।  पर उसे क्या पता था क्या होने वाला है अब उस कमला को कोई नहीं मिल पाया।

 

बहन की अंतिम राखी

 

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भगवान की ऐसी माया की अचानक उसी रास्ते से कमला का बड़ा भाई आ रहा था। उसने जब कमला को देखा तो पहचान लिया और बोला हे भगवान यह तो मेरी बहन है इसको यह क्या हुआ इस को चाकू किसने मारा और फूट-फूट कर रोने लगा। तब कुछ देर बाद कमला को होस आ जाता है ,तो वह अपने भाई से अपने बच्चे की ओर इशारा करती है तब भाई उस बच्चे को झटपट लेने जाता है।

तब तक बच्चा भूख से तड़प तड़प कर मर जाता है मरे हुए बच्चे को देखकर कमला चीखने लगी कमला कभी होस में आ जाती है।  तो कभी बेहोस हो जाती है जब कमला होश में आती है तो अपने भाई से बोली भैया मेरी सासु मां ने  मुझे बहुत रोका लेकिन मैंने उनकी एक भी बात नहीं मानी थी। रक्षाबंधन का त्यौहार देखकर मुझे आपकी बहुत याद आ रही थी।

Bahan-ki-Antim-Rakhi

इसलिए मेरी आखिरी इच्छा पूरी कर दो भैया मेरी जिंदगी की आखिरी सांसे चल रही हैं। तो भाई ने कमला की तरफ अपनी कलाई कर दी कमला ने अपने हाथ से अपने भाई को राखी बांधी और कुछ देर बाद कमला मर जाती है ऐसा देखकर भैया फूट-फूट कर रोने लगा कि मेरी जैसी बहन अब मुझे कहां मिलेगी सोचने लगा क़ि बहन तुमने अपना फर्ज पूरा कर दिया पर मैं बदले में क्या कर सकता हूं।

कुछ सोचता रहा फिर उसके मन में विचार आया कि अब मैं अपनी बहन को राखी के बदले अपने प्राण दूंगा उसने तुरंत वही चाकू उठाया और अपने पेट में मार लिया कुछ देर बाद भाई भी अपने प्राण त्याग देता है।

दोस्तों इन सोने की आभूषणों के कारण 3 लोगों की मृत्यु हो जाती है जब धीरे धीरे गांव के लोगों को पता चलता है तो भीड़ एकत्र हो जाती है और उनकी परिवारी जन भी जुड़ जाते हैं सब लोग फूट-फूट कर रो रहे थे अब कुछ देर बाद उनकी अंतिम संस्कार की तैयारियां होने लगी दो चिता बनाई जाती हैं जिस पर एक पर भाई और एक पर बहन एक साथ जलाए जाते हैं।

और जो कमला का बच्चा 2 महीने का था उसको नदी में बहा दिया जाता है दोस्तों इस कहानी से हमें  भाई बहन का प्यार का एहसास होता है।  कि एक भाई अपनी बहन से कितना प्यार करता हैं।(Bahan ki Antim Rakhi – बहन की अंतिम राखी )

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तो दोस्तों यह कहानी ” बहन की अंतिम राखी “ आपको कैसी  लगी। इस कहानी में दर्शाया गया है की भाई और बहन का एक अटूट प्रेम होता है। क्योंकि इस दुनिया में हमारी लंबी आयु की कामना बहन ही करती है।

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