Akbar Birbal Top 10 Stories in Hindi – अकबर बीरबल की 10 मज़ेदार कहानियां !!!

💥बेवकूफ ओं की सूची  – Stupid list  (Akbar Birbal Top 10 Stories in Hindi )💥

एक बार राजा अकबर के दरबार में एक अरब देश के घोड़ों का व्यापारी कुछ घोड़े  लेकर आया।  अकबर बादशाह को अरबी घोड़े बहुत पसंद थे और उन घोड़ों को देखकर उनका मन खरीदने के लिए ललचा गया।  उसके पास जितने घोड़े थे।  वह सभी बादशाह ने खरीद लिए तथा और भी घोड़े खरीदने का ऑर्डर दे दिया।  व्यापारी  दूर- देश का था।  यह सोचकर अकबर ने उसे 1000 रूपये  और दे दिए ताकि घोड़ों को ला सके किंन्तु उसका नाम – पता लिखना भूल गए और  व्यापारी भी अपने देश को चला गया।

Akbar Birbal Top 10 Stories in Hindi

 

कुछ समय बाद अकबर बादशाह ने बीरबल से कहा कि हमारे राज्य में मूर्खों की संख्या बहुत अधिक है  इसलिए  राज्य  में  जितने भी मूर्ख हैं उनकी नामावली हम देखना चाहते हैं।  तथा राज्य में जितने भी मूर्ख हैं उन सबको हमारे सामने पेश करो।  यह सुनकर बीरबल ने कहा बहुत अच्छा सरकार यह  कहकर दूसरे कमरे में अपना कार्य प्रारंभ करने लगे।  दूसरे दिन  मूर्खों की नामावली तैयार हो गई और राजा के समस्त पेश की।  सबसे पहले राजा का नाम था।   यह देख कर बादशाह बड़े  आश्चर्यचकित हुए।  और बीरबल से इसका कारण पूछा  तो बीरबल ने नम्रता पूर्वक इसका उत्तर दिया- जहांपनाह ! जो घोड़ों का  व्यापारी आया था।

Akbar birbal best stories in hindi  |  Akbar Birbal ki Kahaniyan !!

उसको  आपने बिना नाम पता  जाने ही उसे 1000 रूपये एडवांस दे दिया।  जरा ध्यान पूर्वक विचार कीजिए यदि वह व्यापारी घोड़े न लाए तो आप उसका क्या कर सकते हैं।   नाम पता भी तो मालूम नहीं,  क्या यह मूर्खता नहीं है।  इससे बढ़कर कौन बेवकूफ हो सकता है।  राजा ने मन ही मन अपनी गलती पर पश्चाताप किया लेकिन इस तरह बीरबल की बात से क्यों हार मान जाते। बादशाह ने कहा कि मान लो यदि सौदागर  घोड़ा लेकर आ गया  तो, तब बीरबल ने उत्तर दिया तब  आपके स्थान पर उसका नाम लिख दूंगा राजा इससे और भी शर्मिंदा हो गए।   हमें इस कहानी से यह संदेश मिलता है कि कुछ भी करने से पहले हमें सोच समझ लेना चाहिए।

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💥How many hairs in a beard ? |  दाढ़ी मैं कितने बाल हैं ? 💥

 1 दिन दरबार में बैठे हुए बादशाह ने पूछा तुम तो अपनी पत्नी का हाथ दिन में एक दो- दफा  हाथ  अवश्य स्पर्श करते होगे।  तो  क्या आप बता सकते  हो कि तुम्हारी पत्नी के हाथ में कितनी  चूड़ियां हैं।  बीरबल  बड़े असमंजस में पड़ गए।  क्योंकि उन्होंने हाथ की चूड़ियों की कभी गिनती न की थी।  और ना वह झूठ ही बोलना चाहते थे। (Akbar Birbal Top 10 Stories in Hindi)

कुछ देर तक विचार कर बीरबल बोले जहांपनाह ! मेरा हाथ तो मेरी पत्नी के हाथों से दिन में एकाध बार ही  स्पर्श होता होगा।  लेकिन आपका हाथ तो आपकी दाढ़ी में दिन भर में 10 पांच बार लगता होगा। भला आप ही  बता दें कि आपकी दाढ़ी में कितने बाल हैं।  बादशाह  ने बात काटने की गरज से कहा दाढ़ी की गणना करना कठिन है किंतु हाथ की चूड़ियों को गिनना संभव हो सकता है।

How many hairs in a beard

 

वीरपुर बोले जहांपनाह!   स्त्रियां अपने पसंद के अनुसार कोई  कम तो कोई ज्यादा चूड़ियां पहनती हैं।  अतः निश्चित  तादात  के  बिना गणना  बतलाना असंभव है।  अच्छा  जनाब आप खाने में तो रोज ही जाते हैं।  ऊपर पहुंचने के लिए आपको सीढ़ियां चढ़ने पड़ती होगी।  क्या आप बता सकते हैं कि उस जीने में कितनी सीढ़ियां हैं।

बाद शाह  यह सुनकर बोले कभी उसको गिनने का अवसर ही न मिला।  तब  बीरबल बोले जहांपनाह।  सीढ़िया  कभी बढ़ाई नहीं जा सकती इस पर भी आपने  निश्चित संख्या नहीं बतलाई तो में चूड़ियों की तादाद कैसे बतलाऊं।  यदि सीढ़ियाँ गिनी जा सकती थी तो चूड़ियां गिन ने के दोषी हम जरूर थे।  किंतु जब उनका गिना जाना संभव न था तो चूड़ियों ही कैसे गिनी जा सकती थी।  इस बात को सुनकर बादशाह बड़े प्रसन्न हुए।  और बीरबल की चतुराई देखकर उनको कुछ इनाम भी दिया।

💥Nymph and vampire story – अक्षरा और पिशाचिन  कहानी !💥

1 दिन बादशाह को अप्सरा और पिशाचिन को देखने की बहुत ही इच्छा हुई।   बीरबल सभा में आते -आते अपनी जगह बैठे ही थे कि बादशाह ने उनको पूछ लिया।  कि बीरबल यह बताओ कि आपने पिशाचिन और अप्सराओं को देखा है।  तो बीरबल ने कहा हां देखा है।  तो बादशाह को  देखने की और उत्कृष्ट इच्छा हुई।  तब बीरबल ने  बहुत अच्छा ! कह कर तत्काल अपने घर चले आए और संध्या के समय एक वैश्या  के घर जाकर उसे दूसरे दिन बादशाह के पास चलने के लिए समझा-बुझाकर ठीक कर लिया।

Akbar Birbal Top 10 Stories

 

जब सवेरा हुआ तो बीरबल  अपनी स्त्री और उस  वैश्या  को  लेते हुए  बादशाह के दरबार पहुंचे।  बादशाह  को अपनी स्त्री दिखा कर बोले  यह गरीब जरूर है लेकिन यह  स्वर्ग की अप्सरा है।  क्योंकि इसकी सेवाओं से मुझे बड़ा आराम मिलता है।  बादशाह  ने  पूछा यह कैसे ?  यह तो एकदम काली और महा दुर्बल  है।  शास्त्रों में भी अप्सराओं की सुंदरता  अद्वितीय बतलाई गई है।  बीरबल   बोला महाराज !  सुंदरता गुण  की होती है चमड़ी कि नहीं। (Akbar Birbal Top 10 Stories in Hindi)

यह  स्त्री से मुझे स्वर्ग के समान सुख मिलता है। अब   बीरबल ने उस बाजारू  वेश्या को लाकर  बादशाह के सामने हाजिर किया।  बादशाह ने कहा।  यह तो बड़ी सुंदरी है।  इसके आभूषण और स्वच्छ वस्तुओं से इसकी सुंदरता और भी बढ़ गई है।  बीरबल  बोला हे महाराज !  यह सब केवल फसने की कुंजी है।   यह पिशाचिन  जिसको लग जाती है।  उसका समस्त  अपहरण करके ही पिंड छोड़ती है।  बीरबल के ऐसे जवाब से अकबर बादशाह बहुत ही प्रसन्न हुए।  और दोनों के बारे में उनको विस्तार से समझाया।

💥Mango peel story-आम का छिलका कहानी (Akbar Birbal Top 10 Stories in Hindi )💥

आम का नाम भारतवर्ष के उत्तम फलों में लिखा जाता है।  1 दिन गर्मी के मौसम में किसी राजा ने उत्तम उत्तम आमों की कई टोकरिया बादशाह के पास भेजी।  वह आम अपनी -अपनी उत्तम ता के लिए पहले ही सराहे जा चुके थे।  और बादशाह भी उनको बहुत चाहते थे।  एवं थोड़ा-थोड़ा अपने  परिवार में बांटे। और बादशाह अपनी प्रथम बेगम के साथ चटाई पर बैठकर खाने लगे।  अपने  मसखरे स्वभाव के कारण बादशाह चूसे आमों के छिलके और गुठलियों बेगम के सामने रखते जाते थे।

Mango peel story

 

बेगम भी  बादशाह के की बातें  ताड़ चुपचाप आम  जूस रही थी।  किसी खास  मशवरा से  बादशाह की सहमति लेने के लिए  वहां पर बीरबल भी आया था। बादशाह बीरबल को गुठली  दिखा कर बोले।  बीरबल !   यह बेगम  इतनी भुक्कड़  है कि जब तक मैंने  एक आम भी नहीं चूस पाया  तब तक इसने इतनी गुठलियों का ढेर लगा दिया।  बादशाहा के मुंह से ऐसी मस्करी सुनकर बेचारी बेगम ने लज्जा से सिर नीचा कर लिया।  और उसे कुछ उत्तर न देते बना।  बेगम की तरफ से बीरबल बोला।  बादशाह !

बेगम का भुक्कड़ होना छिलके और गुठलीयो को देखने से प्रकट होता है।  परंतु आप उनसे भी अधिक भुक्कड़ जान पड़ते हैं।  क्योंकि बेगम ने तो गुठलियों को निचोड़ छोड़कर अलग फेंक दिया है।  परंतु आपसे तो वह भी नहीं बचती।  बादशाह  बीरबल के यथोचित उत्तर से  मोन हो गए।  और बेगम को बड़ा आनंद प्राप्त हुआ  (Akbar Birbal Top 10 Stories in Hindi)

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💥Garden and forest difference – बाग  और जंगल  अंतर !💥 

एक दिन  बादशाह जंगल में शिकार खेलने जा रहे थे।  रा स्ते में एक जंगली औरत को लड़का पैदा होते देखा।  और औरत लड़का जनते ही उसे टोकरी में रख माथे पर उठा खुशी-खुशी गांव की तरफ चली गई।  बादशाह ने उसकी ऐसी लापरवाही देखकर मन में सोचा – आखिर औरत तो औरत , फिर बेगमें    लड़का पैदा होते समय इतना नखरा क्यों दिखालाती हैं।

बादशाह का मन बेग मो की तरफ से फिर गया।  और उसी दिन से कतई उनसे बोलना  चा लना बंद कर दिया।   बैगमें,  बादशाहा के इस अ कारण कोप से बहुत घबरा गई।  और लाचार होकर बीरबल की  शरण में गई।  बीरबल ने उन्हें बहुत-बहुत से आश्वासन देकर उनका दुख दूर करने का वचन दिया।  और बोला के बाग वालों को  बाग  सींचने  की मना ही कर दो।  बेगम ने वैसा ही किया।  चंद दिनों में पानी के अभाव से बाग में सारे पौधे मुरझा गए।  यह देखकर बादशाह बहुत क्रोधित हुए।

Garden and forest difference

 

और बेगमों से पूछा।  बाग  के सींचने की मनाही क्यों की गई।  और किसने किया।  बैगमें बोली स्वामी।  हमारी ही आज्ञा से मालियों ने बाग  सीं चना बंद कर दिया है।  हम लोगों ने विचार किया कि अब जंगल के पेड़ पौधे बिना सीं चे ही हरे भरे रहते हैं।   तो  बाग के पेड़ों को सींचने की क्या आवश्यकता।  बादशाह बेगम  की बात समझ कर चुप रह गए।  बेगम के प्रति उनका  गुस्सा शांत हो गया।  और फिर प्रेम से रहने लगे।

💥Wax story – मोम का शहजादा कहानी ! (Akbar Birbal Top 10 Stories in Hindi )💥

1 दिन बादशाह ने बीरबल से कहा कि तुम्हारे धर्म ग्रंथों में यह लिखा है कि  सुदामा की आवाज सुनकर कृष्ण जी पैदल दौड़े थे।   न तो  नौकर को ही साथ लिया और ना सवारी पर ही गए।  इसकी वजह समझ में नहीं आती क्या उनके  यहां नौकर नहीं थे।  बीरबल बोले कि इसका भी उत्तर आपको समय आने पर ही दिया जा सकेगा।

कुछ दिन बीतने पर 1 दिन बीरबल ने एक नौकर जो शहजादा को इधर-उधर  टहलाता था। उसे एक मॉम की बनी हुई वस्तु  दी। जो २० किलो बजनी बादशाह के पोते की तरह की थी।  मूर्ति यथोचित गहने – कपड़े से सजे होने पर मोम की मूर्ति दूर से देखने में बिल्कुल शहजादा मालूम होती थी।  इसे नौकर को देखकर अच्छी तरह समझा दिया, कि जिस तरह तुम नित्य प्रति बादशाह के पोते को लेकर उस कुण्ड  सम्मुख जाता   है ,  ठीक उसी तरह ।

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Akbar Birbal Famous stories in Hindi !!

आज मूर्ति को भी लेकर जाना  परंतु उस जल कुंड के पास पैर फिसल जाने का बहाना कर गिर पड़ना।  और देख सावधानी से इस तरह से गिरना कि तू जमीन में लेकिन मूर्ति पानी में अवश्य चली जाए।  तुझको इस कार्य में सफलता हुई तो तुम्हें कुछ इनाम दिया जाएगा।  लालच बस नौकर ने ऐसा ही किया।  नौकर  जलकुंड के पास पहुंचा और पैर फिसलने  का बहाना  किया और  मूर्ति पानी में चली गई।

अब तो बादशाह का साथ जाता रहा वह कुंड की ओर लपके और कुंड में कूद कर मूर्ति को लिए पानी में से निकले।  अब उन्हें अपना भ्रम मालूम हुआ।  बीरबल जो उस वक्त वहां उपस्थित थे। और बोले ! आपके नौकर चाकर थे फिर आप अकेली पैदल क्यों अपने  पो ते के लिए दौड़े।

आखिर सब सवारी  किस काम आएगी।  बीरबल ने और भी आगे चलकर कहा कि क्या अब भी आपकी आंखें नहीं खुली।  देखिए ! जैसे आपको अपना पोता प्यारा था।  ठीक उसी तरह ही कृष्ण को अपने भक्त लोग प्यारे हैं।  उनकी पुकार पर इसलिए ही वह पैदल दौड़ गए थे।  यह सुनकर बादशाह  प्रसन्न हुए।

 

💥Stand on shoes – जूतों के मारे खड़े हैं  ! (Akbar Birbal Top 10 Stories in Hindi )💥

1 दिन बादशाह अकबर और बीरबल अपने घर वालों के साथ मन बहलाने के लिए राज्य के किसी गांव में जहां साही  इमारत रहने के लिए बनी हुई थी वहां गए।  शाम को जब लौटने लगे तो पता चला कर राजा का जूता कहीं गुम हो गया है। राजा ने सभी नौकरों को जूता की तलाश करने के लिए कहा।

बादशाह के नौकर पूरे गांव  मैं छानबीन करने लगे।  लेकिन जूते का कुछ कहीं पता नहीं चला।  इसी बीच बीरबल और  लखन दोनों कुछ रास्ते में आ गए।  रास्ते में लखन ने कहा कि बीरबल राजा का इंतजार कर ले ! वह क्या कह रहे हैं।  बीरबल ने उत्तर दिया राजा बेचारे जूतों के मारे खड़े हैं।

बीरबल की बात उसकी समझ में ना आए क्योंकि बादशाह के जूते चोरी हो जाने की खबर उसको नहीं थी।  उसने  समझा के के हंसी मजाक कर रहा है।  इधर बीरबल ने चालाकी से बादशाह का जूता लखन के कपड़ों में बांध दिया था।  जब बादशाह  ने सबकी तलाशी का आदेश दिया तो सब अपने अपने कपड़े राजा  को दिखाने लगे।  अतः बाद में  लखन का कपड़ा भी देखा गया।

Akbar Birbal ki Kahaniya in Hindi !

जैसे लखन ने अपने कपड़े दिखाए तो राजा के जूते उसी में मिल गये ।  यह लखन को नीचा दिखाने का बीरबल के पास बहुत ही अच्छा अवसर था।  रह-रह कर एक-एक बात राजा को बोल देते।  लखन बड़े परेशानी में थे। वह सदा बीरबल को नीचा दिखाने का प्रयत्न करते। आज लखन  उनके मकड़जाल में फंस गए थे। (Akbar Birbal Top 10 Stories in Hindi)

क्योंकि  वह जवान से एक शब्द भी न निकाल सकते।  उन्होंने बीरबल की बात को याद दिला कर  बादशाह से कहा कि  आपने बीरबल को इतना मुंह लगा लिया है कि वह कुछ भी  अंत संत बोल देता है।  यह कहकर वही बात दोहरा दिया।  राजा ने इससे अपना अपमान समझा।

और वह नाराज हो गए।  और तुरंत ही बीरबल को बुलाने का आदेश दिया और उनसे पूछा गया।  तब बीरबल ने नम्रता पूर्वक उत्तर दिया जहांपना मैंने कोई ऐसी अपमानजनक बात नहीं कही।  लखन ने मुझसे पूछा कि राजा क्यों नहीं चल रहे हैं।  तो मैंने उत्तर दिया बेचारे राजा जूतों के मारे खड़े हैं क्योंकि जूता खो गया है उसी के खोजने में परेशान हैं।

परेशान किसी दूसरे ने किया और  दंड कोई दूसरा भुगत रहा है।  जहाँपनाह  जरा न्याय की दृष्टि से देखें मैंने बिनम्र स्वभाव से ऐसी बात कही थी उसमें कोई छल कपट नहीं था।  इस प्रकार बीरबल की बात सुनकर बादशाह हंस पड़े और उन्हें क्षमादान दिया।

💥Boy’s story – लड़के की हट कहानी ! (Akbar Birbal Top 10 Stories in Hindi )💥

1 दिन दरबार में बादशाह अकबर जब पधारे तो देखा कि बीरबल नहीं है।  बीरबल के न रहने से कामकाज बिल्कुल ही बंद हो जाता था।  आज दरबार में आने के लिए उन्हें पहले से कहीं ज्यादा देर हो गई थी।  बादशाह ने अपने नौकर  को उनके लाने के लिए भेजा।  नौकर गया राजा का संदेश सुन बीरबल ने उस नौकर से कह दिया कि चलो मैं आता हूं।

नौकर को वापस आए एक से ज्यादा घंटा बीत गया तो राजा को बड़ा आश्चर्य हुआ।  किंतु उसी छड़ उन्होंने विचार किया कुछ आवश्यक कार्य से ही वह रुके हुए होंगे।  बादशाह को अब बीरबल की प्रतीक्षा  नहीं हो पा रही थी।  उन्हें दूसरे नौकर को बीरबल के पास फिर से  भेजा।  इस नौकर को भी बीरबल ने वापस कर दिया।  (Akbar Birbal Top 10 Stories in Hindi)

नौकर ने आकर कहा जहांपनाह वह कह रहे हैं कि चलो मैं आता हूं।   बादशाहों को यह सुनकर कुछ तसल्ली हुई।  2 घंटे फिर बीत गया किंतु बीरबल का कहीं अता पता नहीं था।  अब बीरबल  से जलन करने वाले लोगों को  अवसर मिला।  उन्हें बीरबल की निंदा कर बादशाह के गुस्से को और भी  भड़का दिया।

Akbar Birbal Best Stories in Hindi !

और  बादशाह ने दो सिपाहियों को बीरबल को घर से लाने  के लिए भेज दिया।  डरते डरते सिपाहियों ने बीरबल से बादशाह का संदेश सुनाया। तो  बीरबल समझ गए कि अब देर करना उचित नहीं है।  और कपड़े पहन कर सिपाहियों के साथ राज्य की ओर चलने लगे।  और राज्य में पहुंचकर बादशाहों को सलाम करके अपने स्थान पर बैठ गए।

बादशाह ने बीरबल से हुकुम अदली का कारण पूछा।  बीरबल बोले जहांपनाह मेरा लड़का रो रहा था और मैं उसे बहलाने और उसको चुप करना चाहता था।  लेकिन  वह अपनी  ज़िद पर रुका रहा।  बादशाह बोले यह तुम्हारी कोरी बनावटी बातें हैं लड़की को बहलाना बहुत छोटी बात है।

अच्छा बताओ भला कौन सी ऐसी बात थी जिससे लड़का नहीं मानता था।  तो वह चाहता था तुम उसे देते तो लड़का क्यों रोता।  तुमने मेरी आज्ञा का उल्लंघन किया यह अच्छा नहीं हुआ।  क्या करोगे  तुम्हें निश्चय ही सजा दी जाएगी।

बीरबल बोलो जहांपना मैंने उस लड़के  को शांत करने का बहुत  ही प्रयास  किया किंतु असफल रहा।   बादशाह बोले लड़का क्या चाहता था बीरबल ने उत्तर दिया जहांपना सुनिए में शुरू से अंत तक सब बातें कहता हूं।

Akbar Birbal ki Kahaniya in Hindi !

लड़का रो रहा था मैंने उसे पूछा बेटा क्या लोगे ! क्यों रो रहे हो पहले तो उसने मेरी बातों को सुनी अनसुनी कर दिया जब मैं लगातार पूछता ही रहा तो और बोला कि गन्ना लूंगा। में  उसे लेकर बाजार गया जहां गन्ना बिक रहा था। मैंने  गन्ने के बोझ  की ओर इशारा करके कहा जो चाहे उसमें से ले लो।

किंतु उसे संतोष न हुआ और बोला इसमें से तुम् अच्छे से निकाल लो। मैंने वैसा ही किया किंतु उसे तो रोने की धुन सवार् थी। वह फिर रोने लगा। पूछने पर  पता चला कि वह छोटी-छोटी गड़ेरिया बना कर खाना चाहता है। मैंने वैसा ही किया। गन्ना  चूसते -२ जब उसका पेट भर गया तो उसने चूसने से इंकार कर दिया।

 

कुछ देर तक चुपचाप रहने के बाद फिर से उसने तो रोना पीटना शुरू कर दिया। मैंने उससे पूछा अब क्या चाहता है। तो वह बोला कि चूसी  हुई गड़ेरियों  के छिलके को जोड़कर पहले जैसा ही गन्ने का डंठल तैयार कर दो। मैंने समझाया बुलाया पर सब बेकार था। लाचार होकर मैंने मजबूरी प्रकट की। मुझे वैसे ही गन्ने को नहीं जोड़ेगे तब तक  मैं रोता रहूंगा। अब भला  आप ही बताइए कि मैं उसे कैसे बहलाता। राजा यह सुनकर हैरान रह गए। और बादशाह का गुस्सा शांत हो गया !!

💥Birbal’s departure from state – बीरबल का  राज्य से जाना  !!💥

एक बार किसी कारणवश बादशाह ने बीरबल से नाराज होकर बीरबल को राज्य  छोड़कर किसी दूसरे स्थान पर जाने का आदेश दिया।  आज्ञा पाकर बीरबल किसी दूसरे गांव में भेष बदलकर जीवन यापन करने लगे।  बीरबल स्वाभिमानी पुरुष होने के नाते पुरुषोत्तम थे।  बादशाह के  बिना बुलाए कैसे  आते। (Akbar Birbal Top 10 Stories in Hindi)

उसी उपरांत 1 दिन बादशाह को उनकी याद आई तो मिलने के लिए बादशाह बहुत ही लालायित हो उठे।  लेकिन किसी को उनका पता व ठिकाना भी मालूम नहीं था।  हर जगह पता लगाने वाले दौड़ाएं लेकिन कुछ पता न चल सका।  बादशाह  को इस मौके पर एक उपाय सूझा उन्होंने शहर  में मुनादी  करके और नोटिस द्वारा घोषणा की कि जो कोई आधी  धूप और आधी छाया होकर मेरे सामने उपस्थित होवे गा

उसे 1000 अशरफिया पुरस्कार रूप में दी जाएगी।  इस घोषणा की खबर सारे शहर और  गांवों के बीच बिजली की भांति दौड़ गई।  सभी के मुंह में पानी भर आया कि लेकिन किसी को कुछ भी न सूजा।  संयोग से इस बात की खबर बीरबल के कानों तक पहुंच गई।  अतएव उन्होंने स्वयं अपने ही हाथों से बीच-बीच में जगह छोड़कर एक खाट बनाई।

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Akbar Birbal Top Stories in Hindi !!!

तत्पश्चात उस खाट को एक पड़ोसी गरीब किसान को देकर कहा के देखो इस खाट को अपने सर पर रख कर बादशाह के सामने जाना और निवेदन करना के आज्ञा अनुसार आपके सम्मुख आधी धूप और आधी छाया में लेकर आया हूं।  अतः इनाम हमें मिलना चाहिए।  बीरबल के कहने के अनुसार ही उसके  घाट को सिर पर रखकर बादशाह के महल का रास्ता लिया।

और बादशाह के सामने खड़ा होकर बीरबल द्वारा बताए गए निवेदन को क ह  सुनाया।  बादशाह समझ गए कि यह किसान के दिमाग की उपज नहीं और किसान से बोले कि तुम ठीक ठीक बतला दो कि यहां यह उपाय तुमको किसने बनाया।

किसान ने पूरा हाल ठीक- ठीक बता  दिया कि एक बीरबल नामक ब्राह्मण जो कुछ दिनों से हमारे ही गांव में आकर रहता है उसने मुझे ऐसा करने के लिए कहा।  बादशाह ने गरीब की सच्चाई पर तथा बीरबल का पता लग जाने से बहुत खुश होकर १००० असर्फियो की जगह 2000  असरफियाँ किसान को दिलाई।  तथा  सैनिकों को भेज कर बीरबल को आदर पूर्वक अपने राज्य में वापस बुला लिया।

💥A story of a king’s parrot – बादशाह का  तोता एक कहानी!💥

एक साई को तोता पालने  का बड़ा शौक था।  नित्य प्रति  नए-नए तोते फसाना था और यही नहीं उन्हें काफी सिखाता पढ़ाता भी था।  जब तोता अच्छी तरह बोलने लगता तो नगर के अच्छे शौकीनों को ले जाकर नज र कराता था।  इस काम से उसको कुछ धन मिल जाता था।  इस प्रकार वह अपना और अपने परिवार का जीवन बसर करता था।

एक दिन साई   को एक अच्छा तोता मिल गया।  अपने घर पर रखकर उस तोते को खूब बोलना सिखाया।  और बड़े होने पर बादशाह को देने का इरादा किया।  अपने इरादे के अनुसार साईं ने तोता बादशाह को नजर किया।  बादशाह  को यह बहुत पसंद आया।  सबसे अच्छी बात तो  राजा को यह लगी कि तोता  सवाल का जवाब भी देता था।

A story of a king's parrot

 

बादशाह  ने इसकी हिफाजत का प्रबंध एक विश्वासपात्र नौकर को सौंपा और उसे आज्ञा दी कि इस के स्वभाव में किसी किस्म का  गलत एव  ना आए।  और यदि किसी के द्वारा मुझे इसकी मृत्यु का समाचार ज्ञात हुआ तो उसे जान से मरवा दूंगा।  बादशाह का आदेश था रखने वाले ने बड़े  इंतजाम से रखा था।   अचानक एक  दिन तोता मर गया।  रखने वालों को जब पता चला तो वह सीधा बीरबल के पास गया।

और आरजू मन्नत कर सारा विवरण उसने बतला दिया।  रखने वाले ने यह भी कहा कि यह बादशाह के पास तोते के मरने की खबर ले जाता हूं।  तो प्राण दंड होगा।  यदि खबर नहीं देता तो भी मौत है।  अब शरण में आया हूं किसी उपाय से मेरी जान बच जाए।  बीरबल बोले कि तुम्हें किसी किस्म की चिंता नहीं करनी चाहिए।  आओ अपना काम करो।  इतना रखवाले से कहकर बीरबल बादशाह के पास गए।

Akbar Birbal ki Kahaniyan |  Akbar Birbal ki Kahani in Hindi !

और बड़ बढ़ाते कहते हैं कि आपका तोता तो.. बादशाह इसका मतलब नहीं समझ सके। और  बोले क्या तोता मर गया ! बीरबल बोले जहांपनाह मरा नहीं मैं तो यह कहने आया हूं।  कि तोते ने अब समाधि ले ली है।  आज प्रातः काल से उसने न तो खाना खाया और ना ही पानी पिया।  और ना ही पंख हिलाता है।  और ना अपनी आंखें खोलता है।

बादशाह यह सुनकर बहुत ही अचंभे में हो उस स्थान की ओर बढ़े जहां तोता रहता था।  जाकर देखते क्या है कि तोते  के प्राण पखेरू उड़ गए।  तब तो बादशाह ने बीरबल से कहा कि तुमने मुझको यात्रा  कर क्यों परेशान किया।  यह कह देना था  कि तोता   मर गया।   बीरबल ने  नम्रता पूर्वक उत्तर दिया कि आपका कहना यथार्थ है।

परंतु यदि मैंने ऐसा ही कह दिया होता तो जीवन गवाना पड़ता ।  बादशाह को अब अपनी प्रतिज्ञा  याद आई। तो बीरबल से बहुत खुश हुए ।  इस तरह अपनी बुद्धिमता से बीरबल  ने तोता रखवाले के प्राण बचाए।

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