मुसलमान सूअर का मांस क्यों नहीं खाते हैं ? जानें पूरा रहस्य !

मुसलमान सूअर का मांस क्यों नहीं खाते हैं ! दोस्तों आपको यह बात बता दूं कि मुस्लिम धर्म दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है सभी धर्मों की तरह इस्लाम में भी काफी नियम है जिनका पालन सभी मुसलमान लोग करते हैं इन नियमों में से एक नियम यह भी है कि मुसलमान लोग कभी भी किसी भी हालत में सूअर का मांस नहीं खा सकते हैं दोस्तों ज्यादातर लोग इस बात से परिचित नहीं होते हैं कि मुस्लिम  लोग सूअर का मीट  क्यों नहीं खाते हैं तो आज हम आपको बताते हैं कि मुसलमान सूअर का मांस क्यों नहीं खाते हैं इसके पीछे कई कारण हैं।

मुसलमान सूअर का मांस क्यों नहीं खाते हैं

मुसलमान सूअर का मांस क्यों नहीं खाते हैं  ?  Why do not Muslims eat pork  ?

 

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१. इस्लाम में सूअर के मांस को हराम बताया गया है और सूअर के मीट  का सेवन करने से भी मना किया गया है इसलिए मुस्लिम लोग सूअर का मांस बिल्कुल नहीं खाते हैं ।

२. सूअर इस संसार का इकलौता ऐसा प्राणी है जिसे कभी भी पसीना नहीं आता है सूअर के शरीर में सविड गलाऊस नहीं होता है इसलिए सूअर के शरीर पर पसीना नहीं आता है इसकी वजह से सूअर के शरीर में बनने वाला टॉक्सिन उसके मांस में एकत्रित हो जाता है इसलिए सूअर का गोश्त  मुस्लिम  लोग नहीं खाते हैं।

३. यदि आप सूअर का गोश्त खाते हैं तो आपके शरीर के अंदर एक कीड़ा घुस जाता है दोस्तों एक रिसर्च से पता चला है कि टेवबा एक ऐसा कीड़ा है जो हमारे शरीर में कहीं पर भी जा सकता है यदि यह कीड़ा दिमाग तक चला जाए तो ब्रेन डैमेज हो सकता है।

४. सूअर खाने वाले लोगों को लिवर से जुड़ी बीमारियां हो जाती हैं लगातार सूअर का मीट  खाने से दिल की बीमारी भी जन्म ले लेती है ।

इसलिए दोस्तों मुस्लिम  लोग सूअर का मांस कभी नहीं खाते हैं ।

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नमस्कार दोस्तों  “मुसलमान सूअर का मांस क्यों नहीं खाते हैं ! जानें इसका रहस्य !!!” यह धार्मिक आर्टिकल  आपको अच्छा  लगा   हो तो कृपया कमेंट और शेयर जरूर करें  –  इस  आर्टिकल को पढ़ने के लिए आपका बहुत -बहुत  धन्यबाद   !!!  आपका दिन मंगलमय हो !!!

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